फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी छात्रों को नहीं रूचि बीएससी, बीसीए

विज्ञापन
विज्ञापन
कश्मीरी छात्रों ने बीसीए, बीएससी में नहीं दिखाई रुचि
विज्ञापन

- बीसीए की 48 और बीएससी की 34 सीटों पर नहीं हुए दाखिले
- कॉलेजों में है अलग से कोटा, मंत्रालय से तय होकर आता है कॉलेज, कोर्स

सुशील गंभीर
चंडीगढ़।
कश्मीरी विद्यार्थियों को सिटी ब्यूटीफुल में बीसीए और बीएससी की पढ़ाई करना नहीं भाया। इसका नतीजा है कि बीसीए और बीएससी की सभी सीट मिलाकर भी सिर्फ पांच कश्मीरी छात्रों ने शहर के कॉलेजों में दाखिला लिया।
पंजाब यूनिवर्सिटी से संबंधित शहर के सभी 11 कॉलेजों में कश्मीरी विद्यार्थियों के लिए अलग से सीट का कोटा रखा जाता है। इस बार बीए को छोड़कर अन्य सभी कोर्स में दाखिले भी सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से हुए। कॉलेजों में जम्मू-कश्मीर कोटे के अलावा बॉर्डर एरिया में रहने वाले स्टूडेंट के लिए भी सीटें आरक्षित हैं, लेकिन उन पर भी दाखिला नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, जो विद्यार्थी कश्मीर से यहां पढ़ने आते हैं, उन्हें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से तय करके स्कॉलरशिप के साथ भेजा जाता है। कश्मीर से आने वाले छात्र कॉलेज और कोर्स मंत्रालय से ही मंजूर करवाकर लाते हैं।
विज्ञापन


सभी कॉलेजों में सीटें आरक्षित
कश्मीरी छात्रों के लिए सभी कॉलेजों में सीटें रिजर्व रहती हैं। बीसीए के लिए 48 सीटें हैं, जो खाली रह गईं। वहीं बीएससी में 34 सीटें थीं, लेकिन किसी पर दाखिला नहीं हो सका। पिछले सत्र में सभी कॉलेजों में मिलाकर करीब कश्मीरी और बॉर्डर एरिया के 15 छात्रों ने दाखिला लिया था। अब इन रिजर्व सीटों को अनारक्षित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


इंजीनियरिंग प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ते हैं काफी छात्र
चंडीगढ़ की पेराफेरी में प्राइवेट संस्थानों में जम्मू-कश्मीर से काफी छात्र पढ़ने आते हैं। विद्यार्थियों का इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल कोर्स में अधिक रुचि है। वहीं पेक व शहर के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए भी करीब दस छात्रों ने आवेदन किया था, जिसका दूसरे राउंड का रिजल्ट अभी नहीं आया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें