सीएम की ‘चाल’ से असफर नहीं बिठा पा रहे ‘ताल’
- एसीएस और प्रधान सचिवों ने नहीं दिया लागू होने वाले एक्ट का ब्योरा
- जानकारी समय पर मुहैया कराने में आनाकानी, मुख्य सचिव को जारी करना पड़ा रिमाइंडर
- सीएम घोषणाओं व कोर्ट अवमानना के मामलों में पहले भी सामने आ चुकी लापरवाही
यशपाल शर्मा
चंडीगढ़।
हरियाणा की अफसरशाही सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रफ्तार के साथ कदमताल नहीं बिठा पा रही है। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद एक नहीं, अनेक बार ऐसा हो चुका है कि मुख्य सचिव की ओर से जारी किए गए निर्देशों को अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों ने समय पर अमलीजामा ही नहीं पहनाया। ताजा वाकया भी इनमें से अधिकांश अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली से जुड़ा हुआ है।
मुख्य सचिव ढीएस ढेसी ने बीते छह जून को सीएम के निर्देश पर सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों से राज्य विधानसभा के उन सभी एक्ट की जानकारी मांगी थी, जिनके नियम उनके विभागों में अब तक प्रभावी नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों को इनके लागू करने की प्रक्रिया पूरी होने की तारीख भी बतानी थी। लेकिन, मुख्य सचिव को कुछ ही विभागों की ओर से जानकारी प्राप्त हुई है, जबकि अधिकांश विभागों की ओर से आने वाली रिपोर्ट का अब तक इंतजार है।
मुख्य सचिव की ओर से 21 जून को दोबारा इन अधिकारियों को भेजे गई रिमाइंडर में यह कहा गया है कि सीएम को ये जानकारी सौंपी जानी है। सीएम चाहते हैं, प्रशासनिक सचिव अपने स्तर पर आश्वस्त करें कि विभागों में अमल में लाए जा रहे या लाए जाने वाले एक्ट का पूरा ब्योरा जानकारी में सम्मिलित होगा। इसलिए सीएम ने दोबारा से ये निर्देश दिए हैं कि तीन जुलाई तक सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रशासनिक सचिव यह जानकारी मुहैया करा दें।
एक सप्ताह में जानकारी देने के निर्देश
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने रिमाइंडर को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि इसे तीन जुलाई तक सीएम को सौंप दिया जाए। एक्ट के अब तक लागू न हुए नियमों की जानकारी मुहैया कराने के लिए प्रोफॉर्मा भी साथ भेजा गया है।
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इन मामलों में सामने आ चुकी लापरवाही
. सीएम घोषणाओं को सिरे चढ़ाने में देरी, बेवजह आपत्तियां भी लगाईं
. जिला स्तरीय अधिकारियों का सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के निपटारे में ढुलमुल रवैया
. अनेक प्रशासनिक सचिवों की कोर्ट के अवमानना मामलों में जवाब देरी से देने पर जुर्माना लगने से खुल चुकी पोल