24 लाख में वीजा दिलाने का दिया था झांसा, पीडीएफ भेजकर किया फर्जी वीजा होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर रकम लेने और बाद में फर्जी वीजा भेजने के आरोप में एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने करनाल निवासी चैतन्य गेरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
गांव जोड़ी निवासी अमित कुमार की शिकायत के अनुसार, वह फरवरी 2024 में विदेश जाने के लिए चैतन्य गेरा के संपर्क में आया था। आरोपी ने 24 लाख रुपये में ऑस्ट्रेलिया का वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी की मां के खाते में दो लाख रुपये और चैतन्य गेरा के खाते में 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने चार महीने में वीजा मिलने की बात कही थी। समय बीतने के बाद उसने एक पीडीएफ भेजकर वीजा उपलब्ध होने का दावा किया। जांच कराने पर दस्तावेज फर्जी निकला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगी। आरोप है कि आरोपी ने 31 दिसंबर 2024 को एक लाख रुपये लौटाए और बाकी 1.30 लाख रुपये दो-तीन महीने में देने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में रकम नहीं लौटाई।
पुलिस जांच के बाद थाना रायपुररानी में 21 मार्च 2026 को चैतन्य गेरा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट को सौंपी गई थी। यूनिट ने कार्रवाई करते हुए चैतन्य गेरा को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिमांड के दौरान मामले में अन्य आरोपियों और रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।