फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छेड़छाड़ मामले में आरोपी पुलिसकर्मी बतौर क्लर्क केस साबित नहीं होने पर बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
छेड़छाड़ मामले में आरोपी पुलिसकर्मी बरी
विज्ञापन

- महिला कर्मचारी ने 2015 में सेक्टर-3 थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
- शादी के बाद भी ब्लैकमेल और परेशान करने के लगाए थे आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 2015 में दर्ज छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी पंजाब पुलिस के एसआई दविंदर सिंह को जिला अदालत ने केस साबित नहीं होने पर बरी कर दिया है। दविंदर पर अपने ही ऑफिस की क्लर्क के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे थे। बचाव पक्ष के वकील रवींद्र पंडित ने अदालत में कहा कि महिला से यदि छेड़छाड़ 2007 में हुई थी तो उसने शिकायत आठ साल बाद 2015 में क्यों दर्ज कराई। 2007 में छेड़छाड़ होेने के बाद महिला ने 2009 में अपनी शादी में दविंदर को क्यों बुलाया था। इसके अलावा वह खुद भी पुलिस महकमे में काम करती है तो उसने आठ साल तक किसी महिला पुलिसकर्मी से भी क्यों शिकायत नहीं की।
विज्ञापन

2015 में पंजाब के एडीजीपी (इंटेलिजेंस) की कर्मचारी ने सेक्टर-3 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके विभाग का कर्मचारी दविंदर सिंह उसके साथ छेड़छाड़ करता है। महिला कर्मचारी ने शिकायत में बताया कि इसकी शिकायत वह पहले विभाग में ही उच्च अधिकारी को कर चुकी थी, लेकिन उसके बावजूद भी वह तंग करने से बाज नहीं आया। 2007 में दविंदर शाम 7 बजे उसको घर छोड़ने के बहाने अपनी कार में ले गया और रास्ते में ही किसी सुनसान इलाके में गाड़ी को रोककर जबरन एक कोठी में ले गया था और वहां उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। शिकायत में महिला कर्मचारी ने बताया कि दविंदर ने जबरन मुझसे एक कागज पर यह भी लिखवाया कि जो भी हमारे बीच में हो रहा है, वह सहमति से हो रहा है। इसके बाद 2009 महिला की शादी हो गई और दविंदर उसे दो साल बाद 2011 में फिर से उस कागज की धमकी देकर कि उसके घर वालों को दिखा देगा और तंग करने लगा था। इसके बाद सेक्टर-3 पुलिस ने दविंदर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें