किसी ने साथ नहीं दिया, अपने दम पर मुकाम पाया: श्वेता राठौर
- सेक्टर-9 में अल्टीमेट फिटनेस जिम की ओपनिंग करने पहुंचीं
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रूबी सिंह
चंडीगढ़। मैं आठ साल की थी जब से खुद की फिजिक को लेकर मेहनत कर रही हूं। खुद को इस तरह से तैयार किया है कि यूथ के लिए प्रेरणा बन सकूं। जिम से खुद को आकार देने के लिए पसीना बहाया है। क्योंकि इसका मुझे बचपन से ही शौक था। इंडिया में फिल्मी हीरो-हीरोइन तो हैं, लेकिन कोई ऐसा नहीं जो फिजिक के मामले में हमारा आइडल बन सके। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक बातें कीं देश की पहली फिजिक महिला और इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर मिस वर्ल्ड फिजिक श्वेता राठौर ने अमर उजाला टीम के साथ। वे शहर में सेक्टर-9 में अल्टीमेट फिटनेस जिम की ओपनिंग करने पहुंचीं।
गौरतलब है कि जयपुर की रहने वाली श्वेता राठौर एक इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर हैं। श्वेता का जन्म 13 जून 1988 को हुआ था। वे कांस्य पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। 2015, 16 और 17 में स्पोर्ट फिजिक में मिस इंडिया भी रह चुकी हैं।
श्वेता ने बताया कि उन्होंने फिजिक बनाने के साथ-साथ पढ़ाई पर भी ध्यान दिया और इंजीनियरिंग की। वे पेशे से इंजीनियर हैं। एक समय था जब मोटापे के कारण लोग उनका मजाक उड़ाते थे। तब उन्होंने तय किया कि इसी बॉडी टाइप में ही मैं कुछ ऐसा करूंगी कि लोग देखते रह जाएं।
श्वेता ने बताया कि एक साल तक उनके मां-बाप से उनकी नाराजगी चलती रही। वे मुझे स्कूल भेजते, मैं लेकिन जिम चली जाती। धीरे धीरे उन्होंने मेरे वर्कआउट का रिजल्ट देखा तो उनको यकीन हो गया कि ये कुछ बड़ा करेगी। श्वेता ने कहा कि मैंने जिस चैंपियनशिप में हिस्सा लिया अपने दम पर लिया। मुझे किसी का किसी भी तरह से कोई सपोर्ट नहीं मिला।
बॉलीवुड फिल्मों के हैं आफर, कुछ चाहते हैं मेरी जिंदगी पर फिल्म बनाना
श्वेता ने बताया कि उन को लेकर बॉलीवुड के कई डायरेक्टर बायोपिक बनाना चाहते हैं। लेकिन वे अभी इसके लिए तैयार नहीं है। क्योंकि वे खुद की उम्र छोटी मानती हैं। लेकिन साथ ही उन्हें एक्टिंग के भी ऑफर हैं, जिसे वे जरूर करना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि अभी तक वे खुद की आइडियल हैं। हालांकि उन्हें दीपिका पादुकोण पसंद हैं। उन्होंने कहा कि यूथ को अपनी डाइट पर पूरा ध्यान देना चाहिए।