कुक से मारपीट : समझौते के मूड में नहीं कर्मचारी
- आंदोलन को पंजाब-चंडीगढ़ के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भी दिया समर्थन
- मुख्यमंत्री से मांग : अफसर को सस्पेंड करने की सिफारिश केंद्र को भेजें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा मुख्यमंत्री के आवास पर हुई रसोइये की पिटाई का विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में जहां हरियाणा राज्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के बैनर तले तमाम कर्मचारी लामबंद हो चुके हैं, वहीं 10 जून से इन कर्मचारियों ने तमाम वीआईपी और वीवीआईपी आवासों में हॉस्पिटेलिटी का कामकाज भी ठप कर रखा है।
उधर, मंगलवार को कर्मचारियों के इस आंदोलन को पंजाब सचिवालय और चंडीगढ़ में सक्रिय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिल गया है। इन कर्मचारी नेताओं ने भी एलान किया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने यदि कुक को पीटने वाले अफसर के खिलाफ जल्द कार्रवाई न की तो वह भी पंजाब और चंडीगढ़ के तमाम वीआईपी और वीवीआईपी आवासों पर हॉस्पिटेलिटी का कामकाज ठप कर देंगे।
फिर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
रसोइये अनुप कुमार रावत के साथ हुई मारपीट के मामले में सीएम के एडीसी के खिलाफ डीडीआर दर्ज है, लेकिन पुलिस ने अभी इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। उधर, मंगलवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने फिर सुबह से शाम तक एमएलए हॉस्टल परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान संबोधित करते हुए आल इंडिया चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के उप महासचिव सत्यवान सरोहा व हरियाणा राज्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ चंडीगढ़ के प्रधान तारादत्त ने कहा कि संघ इस मामले में कार्रवाई चाहता है समझौता नहीं। उन्होंने कहा कि 12 जून से सीएम चंडीगढ़ में ही हैं, लेकिन अब तक उन्होंने पीड़ित रसोइये को बुलाकर उसकी आपबीती नहीं सुनी है।
दो दौर की बातचीत हो चुकी विफल
इस मसले पर सोमवार को सीएम के पीएस ने आंदोलनरत कर्मचारी नेताओं के साथ अपने आवास पर दो दौर की बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भरसक प्रयास किया कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाए, लेकिन कर्मचारी नेताओं ने पीएस से साफ कहा कि जब तक सीएम संबंधित अफसर को सस्पेंड करने की सिफारिश केंद्र सरकार को नहीं करते और उन्हें तुरंत ड्यूटी से नहीं हटाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।