यूटी प्रशासन पहली बार करने जा रहा विशेषाधिकार का प्रयोग
पार्किंग और लंगर के लिए पीजीआई को मिलेगा 7.50 एकड़ फॉरेस्ट लैंड
पीजीआई पहुंचे प्रशासक ने लिया जायजा, रोजाना यहां आने वाले 10 हजार लोगों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन पहली बार अपने पॉवर का इस्तेमाल कर पीजीआई को फॉरेस्ट लैंड मुहैया कराने जा रहा है। प्रशासन की इस पहल से पीजीआई को जल्द ही अस्पताल के साथ सटती फॉरेस्ट की जमीन मिल जाएगी। बताते चलें की यहां फॉरेस्ट की 26 एकड़ जमीन है, जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन अपने विशेषाधिकार के तहत 7.50 एकड़ जमीन नॉन कामर्शियल पर्पज के तहत किसी संस्था को अलॉट कर सकता है। इसी पॉवर का इस्तेमाल कर प्रशासन, पीजीआई को यह जमीन उपलब्ध कराने जा रहा है। एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि इस जमीन पर पीजीआई वाहन पर्किंग और लंगर स्टॉल के साथ पर्यावरण के अनुकूल एक शानदार गार्डन बनाया जाएगा। यहां रोजाना पीजीआई 10 हजार से अधिक लोग आते हैं। इन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और एडवाइजर मनोज परिदा ने सोमवार को अधिकारियों के साथ पीजीआई का दौरा किया। वहां उन्होंने पीजीआई के साथ सटती उस फॉरेस्ट लैंड का भी जायजा लिया, जिसे पीजीआई प्रशासन लगातार अस्पताल को हैंडओवर करने की मांग कर रहा है। पीजीआई प्रशासन की दलील है कि यह लैंड पीजीआई का डी-कंजेशन (भीड़भाड़) कम करने के लिए निहायत ही जरूरी है। प्रशासक बदनौर ने पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम से इस जमीन को इसका प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा है, जिससे कि आगे इस पर कार्रवाई हो सके।
पार्किंग बनने से मिलेगी बड़ी राहत
पीजीआई का प्रपोजल है कि इस पर सबसे पहले पार्किंग एरिया डेवलप किया जाएगा क्योंकि पीजीआई में लगातार मरीजों व उनके साथ आने वाले परिजनों की भीड़ बढ़ती जा रही है। पीजीआई की ओपीडी में रोजाना दिखाने वालों की संख्या 10 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। इन मरीजों के साथ उनके परिजन भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
लंगर भी यहीं लगाने की योजना
इसके अलावा पीजीआई के आसपास सैकड़ों की संख्या में लंगर चलते रहते हैं। इसके चलते यहां अधिक भीड़भाड़ रहती है। प्रशासन द्वारा पीजीआई से कहा कि यदि ये लंगर प्रस्तावित जमीन पर लगेंगे, तो जाम से भी छुटकारा मिल जाएगा। लोगों को आराम से खाने के लिए जगह भी मिल जाएगी। इसके अलावा प्रशासन ने पीजीआई से कहा कि प्रस्तावित जमीन पर पर्यावरण के अनुकूल एक शानदार गार्डन बनाया जाए, जिससे कि दूर दूर मरीजों के साथ आने वाले लोग गार्डन में कुछ समय बिता कर खुद को रिलेक्स मसूस कर सकें।
जमीन को लेकर नड्डा ने प्रशासक से की थी बात
पीजीआई और पैक के बीच करीब 26 एकड़ फॉरेस्ट एरिया है। इस पर पीजीआई ने एक्सपेंशन की प्लानिंग की है। बीते शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष भी यह मांग रखी गई थी। बताया जा रहा है कि नड्डा ने प्रशासक बदनौर से दीक्षांत समारोह के दौरान इस मसले पर बात की थी। इस जमीन पर पीजीआई कुछ अहम प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है। बताया जा रहा है कि बदनौर की ओर से लैंड को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और प्रपोजल तैयार करने को कहा है। इस मौके पर उनके साथ एडवाइजर मनोज परिदा, डीसी मनदीप सिंह बराड़, फॉरेस्ट कंजर्वेटर देबेंद्र दलाई, पीजीआई के डायरेक्टर डा. जगतराम, एरिया की एसडीएम पीजीआई के डीडीए सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मलोया भी पहुंचे प्रशासक, नवनिर्मित फ्लैट्स का लिया जायजा
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और एडवाइजर मनोज परिदा ने सोमवार को मलोया में हाल ही में बनाए गए 4960 फ्लैट्स का भी जायजा लिया। यहां उपलब्ध कराई गई तमाम सुविधाओं को उन्होंने देखा। बीते दिनों एडवाइजर मनोज परिदा ने यहां जायजा लिया था। चूंकि पीएमओ और गृह मंत्रालय को इनके उद्घाटन करने को लिखा गया है। जल्द ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह पुनर्वास योजना के तहत बनाए गए इन फ्लैट्स के आवंटियों को चाबी सौंपेंगे।