पंजाब के ध्यानार्थ......
ज्ञान सागर कॉलेज के चेयरमैन को
भगौड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू
- 40 कॉलेज कर्मचारियों के सैलरी के चेक बाउंस मामले मेें नहीं हो रहे थे पेश
- अगली सुनवाई पर पेश नहीं हुए तो कर दिए जाएंगे भगोड़ा घोषित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2016 के चेक बाउंस के एक मामले में पेश न होने पर जिला अदालत ने बनूड़ स्थित ज्ञान सागर एजुकेशनल एवं चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन नितेंदर सिंह को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नितेंदर सिंह अगर अगली सुनवाई पर अदालत में पेश नहीं हुए भगोड़ा करार दे दिया जाएगा। इससे पहले अदालत में पेश नहीं होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। मामले में कॉलेज के 40 कर्मचारियों ने चेक बाउंस होने पर जिला अदालत में आरोपी के खिलाफ याचिका दायर की थी। इसके अलावा कॉलेज के 300 अन्य डॉक्टर और अध्यापक ऐसे थे, जिन्हें अक्टूबर, 2016 तक सैलरी नहीं मिली थी। सभी की सैलरी 70 हजार से 90 हजार रुपये प्रतिमाह थी। सभी को जब चेक दिए गए तो अकाउंट में पैसे नहीं होने कारण और नितेंदर सिंह के फर्जी सिग्नेचर के कारण सभी के चेक बाउंस हो गए। इसके बाद 40 कर्मचारियों ने नितेंदर सिंह के खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर आरोपी से सैलरी की मांग की थी। इसके बाद अदालत में पेश नहीं होने पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कर दिए थे। मामले में याचिकाकर्ताओं ने चेयरमैन को 15 दिनों के अंदर सैलरी देने के लिए लीगल नोटिस भेजा था, इसके बाद भी आरोपी ने उनके पैसे नहीं दिए थे। अगर मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को भी आरोपी अदालत में पेश नहीं होता तो उसे भगौड़ा करार दिया जा सकता है।
2016 में ही जब कॉलेज के अध्यापकों और डॉक्टरों को सैलरी नहीं दी गई थी तो उन्होंने कॉलेज के चेयरमैन नितेंदर सिंह के खिलाफ एक महीने तक प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कॉलेज प्रबंधन भी सैलरी का कोई इंतेजाम नहीं कर सका तो पंजाब सरकार ने कॉलेज को बंद कर दिया। जून 2016 में कॉलेज के 500 एमबीबीएस सहित 1500 स्टूडेंट्स को पंजाब के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट कर दिया गया था।