पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को न कोंबो कार्ड मिला और न ही हॉस्टलों में पीओएस मशीनें लगीं। इस साल का पूरा सत्र निकल गया, परीक्षाएं चल रही हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी की यह महत्वाकांक्षी योजना थी, जो पूरी नहीं हो पाई।
दरअसल, पीयू प्रबंधन ने एक योजना बनाई थी, जिसमें स्टूडेंट्स का जीरो बैलेंस बचत खाता खोला जाना था। पीयू ने एसबीआई के साथ मिलकर इस योजना की मंजूरी दे दी थी, लेकिन खाते नहीं खुल पाए। इस जीरो बैलेंस खाते की खास बात यह है कि इसमें जो कोंबो कार्ड बनेगा, उसमें दो चिप होंगी।
एक चिप में जहां छात्र का पूरा ब्यौरा होगा, वहीं दूसरी चिप का इस्तेमाल पैसों की ट्रांजेक्शन के लिए किया जा सकेगा। एसबीआई को ही ऐसे कार्ड खास तौर से डिजाइन करने हैं, लेकिन कुछ आपत्तियों के बाद योजना अगले सत्र तक टल गई है। कोंबो कार्ड के लिए बनाई गई कमेटी के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी कि एक ही कार्ड में दो चिप होने से इसका मिसयूज हो सकता है।
हॉस्टलों में नहीं लगी पीओएस मशीन
छात्रों को कोंबो कार्ड देने के साथ ही हॉस्टलों में पीओएस मशीन लगाने की योजना भी पूरी नहीं हुई। एसबीआई की ओर से ही हॉस्टलों में मशीनें लगाई जानी थीं ताकि हॉस्टल से संबंधित कोई भुगतान करने के लिए कैश के झंझट में नहीं फंसना पड़े। अब जब तक कोंबो कार्ड नहीं बनते, तब तक पीओएस मशीन भी नहीं लग पाएंगी।
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल की सचिव वाणी सूद ने बताया कि कोंबो कार्ड योजना को पूरा करने के लिए बनी कमेटी में कुछ आपत्तियां आई थीं। जल्द ही कमेटी की फिर से बैठक होनी है, जिसमें आपत्तियों को दूर कर इस योजना को पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा।