कंप्यूटर की रुचि ने बना दिया साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ
-टीएसी सिक्योरिटी के संस्थापक व सीईओ त्रिशनीत अरोड़ा फोर्ब्स-30 अंडर-30 एशिया 2018 में शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
टैलेंट है तो लक्ष्य मुश्किल नहीं। लुधियाना के त्रिशनीत अरोड़ा के साथ कुछ ऐसा ही है। उनकी बचपन से ही पढ़ाई में रुचि नहीं थी। त्रिशनीत का 23 साल की उम्र में फोर्ब्स-30 अंडर-30 एशिया 2018 सूची में नाम दर्ज किया गया है। त्रिशनीत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, लेखक और टीएसी सिक्योरिटी के संस्थापक व सीईओ हैं। टीएसी सिक्योरिटी एक साइबर सुरक्षा कंपनी है।
मोहाली स्थित टीएसी सिक्योरिटी देश के बड़े कॉर्पोरेट्स को सेवाएं देती है। मध्यम वर्ग परिवार में जन्मे लुधियाना के त्रिशनीत अरोड़ा का बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था। उनकी कंप्यूटर में रुचि थी। इस वजह से सारा समय कंप्यूटर के बारे में सोचने-समझने में चला जाता। इसके बाद अन्य विषयों की तैयारी के लिए समय ही नहीं था। उनकी कंप्यूटर और एथिकल हैकिंग में जबरदस्त दिलचस्पी थी।
त्रिशनीत ने बताया कि कंप्यूटिंग पढ़ने में इतना व्यस्त हो गए कि पढ़ाई का समय ही नहीं मिला। दो पेपर नहीं दिए तो परीक्षा में फेल हो गए। इस पर मां और पिता ने अच्छी फटकार लगाई। दोस्त और परिवार के अन्य लोगों ने भी काफी कुछ समझाया, लेकिन कंप्यूटर की तरफ रुचि से रुख नहीं बदला। आठवीं परीक्षा में फेल होने के बाद रेगुलर क्लास छोड़ दी। फिर 12वीं तक की पढ़ाई कॉरेस्पांडेंस से की।
त्रिशनीत कंप्यूटर और हैकिंग के बारे में नित नई जानकारियां इकट्ठा करने लगे। यह काम उनकी मां और पिता को बिल्कुूल पसंद नहीं था, लेकिन वे अपने शौक करियर बनाने का फैसला कर चुके थे। वह अपने काम से यह साबित करने लगे कि कैसे विभिन्न कंपनियों का डाटा चुराया जा रहा है। इन दिनों हैकिंग के क्या तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे उनके काम को मान्यता मिलने लगी। कंपनियां उनके काम को सराहने लगीं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज भी है क्लाइंट
एक साल पहले 21 वर्ष की उम्र में त्रिशनीत ने टीएसी सिक्योरिटी नामक साइबर सिक्योरिटी कंपनी बनाई। त्रिशनीत रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियों को साइबर से जुड़ी सेवाएं दे रहे हैं। त्रिशनीत अब तक ‘हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा’ ‘दि हैकिंग एरा’ और ‘हैकिंग विद स्मार्ट फोंस’ जैसी किताबें लिख चुके हैं। त्रिशनीत को 2013 में गुजरात में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा 2014 में इसी काम को लेकर पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने गणतंत्र दिवस पर ‘स्टेट अवॉर्ड’ दिया था। 2015 में उनको फिल्म एक्टर आयुष्मान खुराना सहित सात हस्तियों के साथ पंजाबी आइकॉन अवॉर्ड दिया गया। त्रिशनीत का कहना है कि ‘पैशन’ के आगे पढ़ाई मायने नहीं रखती। फिलहाल वह अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन पढ़ाई को छोड़ना नहीं चाहते। भविष्य में वक्त मिलने पर मैनेजमेंट के साथ ग्रेजुएशन करना चाहेंगे। वह डिग्री या फॉर्मल एजुकेशन को कामयाबी या जीवनयापन के लिए जरूरी नहीं मानते।