जीएसटी: शंकाओं, चिंताओं का समाधान करेंगे समूह
- हरियाणा सरकार ने गठित किए 11 क्षेत्रीय कार्य समूह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जीएसटी लागू होने से पहले हरियाणा के कारोबारियों और उद्यमियों में कई तरह की शंकाएं पैदा हो गई हैं। इससे सरकार विरोधी धारणाओं का माहौल बनने लगा है। हरियाणा सरकार इस बात को लेकर चिंतित है।
इस कारण सरकार ने प्रदेश में 11 क्षेत्रीय कार्य समूहों का गठन किया है। यह समूह जीएसटी मामले में संबंधित क्षेत्र को पेश आने वाली चिंताओं और मुद्दों का पता लगाएंगे। इस महीने के अंत तक उनके समाधान के लिए सुझाव भी देंगे।
आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि प्रत्येक क्षेत्र के लिए उप-आबकारी एवं कराधान आयुक्त (डीईटीसी), सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त (एईटीसी) और आबकारी एवं कराधान अधिकारी स्तर के अधिकारियों मनोनीत किया गया है।
इन क्षेत्रों में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा, दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं और ई-कॉमर्स, यात्रा, पर्यटन, परिवहन और रसद, वस्त्र और हस्तशिल्प, ऑटो सेक्टर और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, सेवाएं, बड़ा बुनियादी ढांचा, औषध, फार्मास्यूटिकल्स और खाद्य प्रसंस्करण, खनन और प्लाइवुड शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों को संबंधित डीईटीसी और संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त के सहयोग और मार्गदर्शन में काम करना होगा तथा 30 जून तक अपने संबंधित क्षेत्र पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट में ऐसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित जाएगा जो जीएसटी व्यवस्था में हरियाणा के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं तथा इन मुद्दों और चिंताओं के समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव शामिल होंगे।