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प्री मानसून में दूषित हवा पर निगरानी रखेगा पीजीआई

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हरियाणा और पंजाब के लिए भी
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फोटो समाचार

प्री मानसून में दूषित हवा पर निगरानी करेगा पीजीआई
सबहेड
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की ओर से एयरक्वालिटी की निगरानी के लिए स्पेशल वैन को हरी झंडी

चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब के आठ शहरों का दौरा करेगी वैन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई ने पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पुणे के आईआईटीएम के साथ मिलकर प्री मानसून से पहले एयरक्वालिटी पर निगरानी के लिए एक अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत आधुनिक उपकरणों से लैस एक वैन चंडीगढ़ सहित पंजाब व हरियाणा के आठ शहरों में जाएगी और प्रदूषण की निगरानी करेंगी। इस अभियान का उद्घाटन पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने किया।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का पूरी ट्राइसिटी को फायदा मिलना चाहिए। वायु प्रदूषण में सुधार के लिए इस तरह के प्रोजेक्ट की सख्त जरूरत है क्योंकि वायु प्रदूषण से स्ट्रोक, हार्ट डिजीज, फेफड़े के कैंसर जैसे गंभीर मर्ज हो सकते हैं। पीजीआई के इन्वायरमेंट हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर रविंद्रा खैवाल ने बताया कि साल 2017 में अक्तूबर-नवंबर के दौरान एक कैंपेन लांच किया गया था। इसमें दोनों महीने में होने वाले प्रदूषण की निगरानी की गई थी। अब मार्च से लेकर अप्रैल तक के प्रदूषण मॉनिटर की जाएगी। वैन में लगी आधुनिक मशीनें पीएम-1, पीएम 2.5, पीएम 10, सल्फर डाई आक्साइड, अमोनिया, ब्लैक कार्बन, मिथेन और बदलते मौसम की निगरानी करेंगी। उसके बाद दोनों डाटा की तुलना की जाएगी, जो नेशनल क्लीन प्रोग्राम के प्रोजेक्ट को लागू करने में मदद करेगी। यह वैन चंडीगढ़, अमृतसर, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, रोहतक, सिरसा, मुरथल और रोपड़ में जाएगी, जो रियल टाइम डाटा को कलेक्ट करेगी। उनका कहना है कि उनका फोकस छोटे शहरों में है। इन शहरों में लक्ष्य रखा गया है कि साल भर के भीतर प्रदूषण में 20-25 प्रतिशत की कटौती की जाए। इस अभियान में पीजीआई के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी और इंडियन इंस्टीट्यूट आफ ट्रोपिकल मीटीरोलाजी (आईआईटीएम) पुणे भी सहयोग कर रहा है। उद्घाटन अवसर पर पीजीआई के डीन प्रोफेसर अरविंद राजवंशी भी मौजूद रहे।
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