रिश्वत के आरोपी इंस्पेक्टर, कांस्टेबल पहुंचे सलाखों के पीछे
तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर सीबीआई कोर्ट में पेश किए आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। थाना मौलीजागरां के पूर्व एसएचओ, इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और कांस्टेबल सुरिंदर को 45 हजार रुपये रिश्वत मामले में तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को जिला अदालत की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई ओर से आरोपियों के रिमांड की आवश्यकता नहीं जताने पर कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इससे पहले आरोपियों के रिमांड की मांग के दौरान सीबीआई के वकील ने कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका का पता लगाने की दलील दी थी। सीबीआई ने तीन दिन की रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से अलग-अलग और उन्हें एक-दूसरे के सामने बैठाकर पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता रमेश को ट्रैप के समय लगाए ऑडियो-वीडियो सिस्टम में कैद रिकॉर्डिंग के चलते सीबीआई आरोपियों के वॉयस सैंपल भी ले चुकी है।
इंस्पेक्टर बलजीत सिंह दूसरी बार सीबीआई की गिरफ्त में फंसे हैं। साल 2007 में भी वह रिश्वत के आरोप में सीबीआई की गिरफ्त में फंसे थे। लेकिन कोर्ट से केस जीतकर फिर से पुलिस विभाग में शामिल हुए। आरोपी पुलिसकर्मियों पर नशा मिलने के बाद कुछ युवकों को गिरफ्तार नहीं करने के एवज में उनसे 55 हजार रुपये रिश्वत मांगने और 45 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के आरोप हैं।
सीबीआई ने ऐसे लगाया ट्रैप
मौलीजागरां, विकास नगर के अहाता संचालक रमेश ने बताया था कि 26 जनवरी को विकास नगर के पार्क के पास से पुलिस ने उनका भतीजे समेत अन्य लड़कों को सिगरेट पीते पकड़ा। इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने उनके भतीजे और अन्यों को छोड़ने के एवज में उनसे 1 लाख रुपये मांगे। सौदा 55 हजार रुपये में तय हुआ। कांस्टेबल सुरिंदर 27 जनवरी को रमेश की दुकान से दस हजार रुपये ले गया। शेष 45 हजार रुपये को दबाव बनाया गया। सीबीआई ने शिकायत पर बीते सोमवार को ट्रैप लगाकर कांस्टेबल सुरिंदर को 45 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा और इंस्पेक्टर बलजीत सिंह को थाना मौलीजागरां से उठाया। मामले में हेड कांस्टेबल प्रमोद पर भी उसकी मिलीभगत होने के आरोप हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
यह था मामला
आरोप हैं कि इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और उनकी टीम ने एक महिला और व्यक्ति को पकड़ा था। महिला के कब्जे से सुलफे की पुड़िया बरामद हुई, लेकिन उस पर कार्रवाई के बजाय पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद नशे को शिकायतकर्ता रमेश के भतीजे व अन्य युवकों पर डालने का प्रयास किया। बकौल शिकायतकर्ता एसएचओ बलजीत सिंह ने उसके भतीजे और अन्य लड़कों पर नशीले टीके पकड़े जाने का केस डालने की धमकी दी थी।