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ऑटो गैंगरेप: तीनों को आजीवन कारावास

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उत्तरप्रदेश के जिला अंबेडकरनगर, अमेठी और फैजाबाद के लिए जरूरी...देहरादून के ध्यानार्थ.........




ऑटो गैंगरेप: तीनों दोषी मरते दम तक रहेंगे सलाखों के पीछे
- सेक्टर-53 में नवंबर 2017 में देहरादून निवासी युवती से सामूहिक दुराचार का मामला
- अदालत ने तीनों पर 2.05-2.05 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। देहरादून निवासी और मोहाली में पीजी में रहने वाली 21 वर्षीय युवती से नवंबर 2017 में सेक्टर-53 में हुए गैंगरेप के मामले में विशेष अदालत की एडीजे पूनम आर जोशी ने तीनों दोषियों को अंतिम सास तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में मोहम्मद इरफान (27) मूल निवासी अंबेडकरनगर यूपी, किस्मत अली (21) मूल निवासी अमेठी यूपी और मोहम्मद गरीब (21) मूल निवासी फैजाबाद यूपी शामिल हैं। विशेष अदालत ने 122 दिनों में ट्रायल समाप्त करते हुए तीनों को आईपीसी की धारा 376डी और 506 के तहत दोषी करार देते हुए सजा के अलावा 2.05-2.05 लाख रुपये प्रत्येक पर जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि में से दो-दो लाख (कुल छह लाख) रुपये पीड़िता को बतौर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले सेक्टर-36 थाना पुलिस ने मोहम्मद इरफान, मोहम्मद गरीब और किस्मत अली उर्फ पोपू के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (डी), 376 (2) जी और 506 के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट आईपीसी की धारा 376 (डी) (सामूहिक दुराचार) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत दायर की थी। इन्हीं दोनों धाराओं में अदालत ने ट्रायल चलाया था। तीनों की डीएनए रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई थी। वहीं, पीड़िता ने भी तीनों को अदालत में पहचानते हुए उनके खिलाफ बयान दिए थे। केस में कुल 19 सरकारी गवाह पुलिस की ओर से पेश किए गए थे।
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यह है मामला
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने कहा था कि वह मूलरूप से देहरादून की रहने वाली है और यहां मोहाली में पीजी में रहती है। सेक्टर-17 में वह प्राइवेट जॉब करती थी। 17 नवंबर 2017 की शाम वह जॉब से सेक्टर-37 में स्टेनो की कोचिंग के लिए आई थी। शाम को वह कोचिंग से करीब 7 बजे निकली। यहां से वह फोन पर घरवालों से बात करते हुए ऑटो पकड़ने के लिए मेन रोड पर आई। फोन पर बात करते-करते ही उसने ऑटो रुकवाया। उसके बाद उसमें बैठ गई। उसमें पहले से दो सवारियां बैठी हुई थीं। आगे जाकर चालक ने डीजल भरवाने की बात कहते हुए ऑटो को सेक्टर-42 की ओर मोड़ लिया। उसने उसे वहीं उतारने की बात कही तो चालक इरफान ने उसकी बेटी की बीमारी की बात कहते हुए उसे ऑटो से न उतरने को कहा। इसके बाद वह ऑटो में ही बैठी रही। इस दौरान वह उसे बच्ची-बच्ची कहकर अपनी बेटी और उसकी बीमारी की कहानी सुनाकर उससे सांत्वना जुटाता रहा। बाद में सेक्टर-42 स्थित पेट्रोल पंप के पास आकर ऑटो रुक गया। इसके बाद चालक वह दोनों सवारियां ऑटो को धक्का मारकर अंदर ले गए। वहां से उन्होंने पेट्रोल भरवाया और उसके बाद सेक्टर-43 के राउंड अबाउट से यू-टर्न लिया। जैसे ही वह ऑटो से सेक्टर-53 पहुंचे तो आरोपी ने ऑटो को स्लिप रोड पर ले लिया। आगे जाकर उसने ऑटो खराब होने का नाटक करते हुए ऑटो रोक लिया। चालक ने ऑटो खराब होने की बात कही। इस पर युवती ऑटो से उतर गई और चालक को पैसे देने लगी। इसी दौरान पीछे बैठे दोनों युवकों ने उसे अंदर खींच लिया। इसके बाद तीनों उसे ऑटो से निकाल कर पास ही जंगली एरिया में ले गए। वहां तीनों ने मिलकर उससे दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार तीनों ने शोर मचाने और इस बारे में बाद में किसी को कुछ भी बताने पर चाकू से जान से मार देने की धमकी दी थी। वहीं, इरफान ने अन्य आरोपियों से उसे वहीं चाकू से जान से मारने की बात कही थी। इससे वह बुरी तरह डर गई। हालांकि, वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए और पीड़िता का मोबाइल भी साथ ले गए। पीड़िता के अनुसार किसी तरह वह मेन रोड पर पहुंची और एक बाइक सवार को रोका। इसके बाद उसने उसके फोन से पुलिस को सूचना दी थी।

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जान से मारने की दी थी धमकी
पीड़िता ने विशेष अदालत में दिए बयान में कहा था कि ऑटो चालक मोहम्मद इरफान ने वारदात के बाद अन्य दोषियों से कहा था कि, ‘चाकू निकाल मार देते हैं इसे’। इससे वह और डर गई थी। वहीं वारदात के दौरान इरफान ने अन्य दोषियों से उसका वीडियो बनाने की बात भी कही थी।

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सजा में नरमी की अपील
सजा सुनाए जाने से पहले तीनों ने अदालत से सजा में नरमी की अपील की। मोहम्मद इरफान ने अदालत से कहा कि, वह ऑटो ड्राइवर है और बहुत गरीब है। उसके बुर्जुग माता-पिता, पत्नी और चार बच्चों जिनमें दो बेटे और दो बेटियों की जिम्मेदारी उस पर है। वह परिवार में अकेला कमाने वाला शख्स है। उसके बाद उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। वहीं मोहम्मद गरीब ने कहा कि वह पेशे से मजदूर है और शादीशुदा है। पत्नी के अलावा उसके दो बहनें और दो भाई हैं। उसके बाद उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

इरफान के कहने पर निकला था उसके साथ
किस्मत अली ने अदालत से सजा में नरमी की अपील करते हुए कहा कि वह बहुत गरीब घर से है और पेशे से मजदूर है। वह शादीशुदा है और उसकी दिव्यांग बहन की जिम्मेदारी भी उस पर है। उसने अदालत से कहा कि, वह इरफान के कहने पर उसके साथ खाने-पीने निकला था। उसे नहीं पता था कि उसके इरादे क्या हैं। उसने कुछ गलत नहीं किया।
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नहीं दिखा चेहरों पर पश्चाताप
दोपहर करीब सवा तीन बजे तीनों दोषियों को अदालत में पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में तीनों को अदालत में पेश किया गया। 20 से अधिक पुलिसकर्मी तीनों को कड़ी सुरक्षा में अदालत में लेकर आए। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बावजूद तीनों दोषियों के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं दिखा। जिंदगीभर जेल में रहने की सजा मिलने के बावजूद तीनों में से किसी के भी चेहर पर पश्चाताप का एक भी अंश तक नहीं दिखा।

टाइम लाइन
17 नवंबर 2017: कोचिंग सेंटर से पीजी जा रही युवती से ऑटो चालक और उसके दो साथियों ने सेक्टर-53 में स्लिप रोड में किया गैंगरेप
24 नवंबर 2017: गैंगरेप का एक दोषी ऑटो चालक मोहम्मद इरफान गिरफ्तार
28 नवंबर 2017: गैंगरेप के दोनों अन्य दोषी किस्मत अली उर्फ पोपू और मोहम्मद गरीब यूपी से गिरफ्तार
21 फरवरी 2018: सेक्टर-36 थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ चालान दायर किया
23 अप्रैल 2018: ऑटो गैंगरेप के तीनों दोषियों पर आरोप तय
2 मई 2018: केस का ट्रायल शुरू
8 मई 2018: पीड़िता ने अदालत में बयान दर्ज करवाए, तीनों के खिलाफ दी गवाही
23 मई 2018: तीनों दोषियों के डीएनए टेस्ट की सीएफएसएल रिपोर्ट अदालत में सौंपी, रिपोर्ट पॉजीटिव
27 अगस्त 2018: अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया
31 अगस्त 2018: अदालत ने इरफान, किस्मत अली और मोहम्मद गरीब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
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