नशा तस्करों को पकड़ने गए पंजाब-हिमाचल के 200 पुलिसकर्मियों खाली हाथ लौटे
नशे से हुई मौत के बाद महीने में दूसरी बार छन्नी बेली में कार्रवाई, एक भी ड्रग स्मगलर नहीं मिला
भारी बारिश में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करों पर दी दबिश
दोनों राज्यों की पुलिस ने बैठक के बाद छन्नी बेली, कंदरोडी व उपरला भदरोया में चलाई ड्राइव
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पठानकोट-हिमाचल सीमा पर दोनों राज्यों के 200 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से छन्नी बेली, कदरौडी व उपरला भदरोया में नशा तस्करों के अड्डों पर रेड की। लेकिन पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। दोनों राज्यों की पुलिस मानती है कि छन्नी बेली, कदरौडी व उपरला भदरोया में नशा कारोबारियों का नेटवर्क हैं, जहां से नशा सप्लाई करने तथा नशा करने वाले युवाओं तक इसकी खेप पहुंचाने का काम किया जाता है। इससे पहले पंजाब व हिमाचल पुलिस ने 12 जुलाई को सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन इस दौरान भी नशा तस्कर अपने घरों को छोड़कर भाग खडे़ हुए थे। यही हालात शुक्रवार को भी देखने को मिले। नशा तस्कर अपने अड्डों को छोड़कर भाग गए। पुलिस ने अड्डों की तलाशी ली लेकिन कुछ भी रिकवर नहीं हो पाया। शुक्रवार बाद दोपहर चलाए सर्च ऑपरेशन में एसएसपी पठानकोट विवेकशील सोनी, एसपी कांगडा संतोष पटियाल, डीएसपी पठानकोट सुखजिंद्र सिंह, डीएसपी नूरपुर मेघनाथ चौहान, थाना प्रभारी नूरपुर ओंकार चंद, एसएचओ पठानकोट रविंदर रूबी, एसएचओ पठानकोट अवतार, डमटाल चौकी प्रभारी अजीत कुमार, प्रीतम जरयाल, संजय शर्मा, तरसेम लाल सहित 200 पुलिस कर्मचारियों की टीम ने चिट्टे के कारोबारियों व नशा करने वालों के अड्डों पर रेड की। यह कार्रवाई तीन घंटे चली।
लाउडस्पीकर से किया सचेत
शुक्रवार रेड से पहले सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा डमटाल पुलिस चौकी में बैठक की गई। इस दौरान एसएसपी सोनी व एसपी कांगड़ा पटियाल ने गुप्त बैठक में सभी पुलिस कर्मचारियों को निर्देश जारी किए। इसके तुरंत बाद पुलिस की गाड़ियां लगातार हो रही बारिश के दौरान छन्नी बेली में दाखिल हो गई। ग्रामीण अचानक हुई कार्रवाई से हैरान रह गए। गाड़ियों के की आवाजें सुन लोग छाता लेकर बारिश में अपने घरों से बाहर आ गए। पुलिस ने लाउड स्पीकर से ग्रामीणों को सचेत करते हुए कि जो लोग नशे के कारोबार में शामिल हैं, वह या तो इसे छोड़ दें अन्यथा उन्हें नहीं बख्शा जाएगा।
छन्नी बेली की मेन एंट्रेंस पर लगा स्थायी नाका
पुलिस ने छन्नी बेली गांव के मुख्य रास्ते पर 20 कर्मचारियों को तैनात किया है। गांव में आने जाने वाले लोगों पर अपनी पैनी नजर रखे हैं। इसी प्रकार उपरला भदरोया के आने जाने वाले दोनों रास्तों पर पुलिस की 24 घंटे की नाकाबंदी है। इस कार्रवाई से इन दोनों स्थानों पर अब नशा तस्करों व नशा करने वालों पर कुछ हद तक नकेल कस गई है। लेकिन नशे के आदी युवा अब मोबाइलपर संपर्क कर नशे की खेप लेने का रास्ता खोज लेते हैं। वहीं गांवों के बाहर से ही इन युवकों को नशा मिल जाता है।
किंगपिन ड्रग स्मगलर उत्तम को दी चेतावनी
पुलिस ने गांव उपरला भदरोया के किंगपिन ड्रग स्मगलर उत्तम के घर रेड की तो इउसके घर पर ताला लगा मिला। जिस पर पुलिस ने उसके पड़ोसियों को कहा कि उत्तम जब आए तो उसे समझा दें कि वह ड्रग का धंधा छोड़ दे, नहीं तो परिणाम बहुत बुरा होगा तथा उसे जेल की हवा खानी पडे़गी।
नशे के कारोबारियों से सख्ती से निपटा जाएगा: एसएसपी
पठानकोट के एसएसपी विवेक सोनी ने कहा कि पंजाब में नशे से हो रही मौतों को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से चलाए गए नशे के अभियान के तहत यह कार्रवाई हिमाचलपुलिस के सहयोग से चलाई जा रही है। अत: इन नशे के कारोबारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
नशे के अड्डे खत्म करके ही होगा अभियान बंद: एसपी पटियाल
एसपी कांगड़ा संतोष पटियाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के भदरोया व छन्नी बेली गांव में नशे के अड्डो को खत्म करने के लिए यह संयुक्त अभियान चलाया गया है। पिछले कुछ समय से नशे पर नकेल कसी गई है। पहले सर्च अभियान के दौरान जो नशा कारोबारी अपने घर छोड़कर भागे वे वापस नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान इन नशे के अड्डों के खात्मे के बाद ही बंद होगा।
हिमाचल इनपुट
चिट्टा तस्करी के लिए कुख्यात है भदरोया-छन्नी
डमटाल (कांगड़ा)। पंजाब के साथ सटे हिमाचल के गांव भदरोया व छन्नी बेली चिट्टे के लिए हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में कुख्यात है। नशे की ओवरडोज से यहां लोग मर रहे हैं। साथ ही कई आपराधिक गतिविधियों में भी इन नशेड़ी युवाओं का हाथ होता है।
कार्रवाई के दौरान पंजाब भाग जाते हैं कारोबारी
दोनों गांव पंजाब-हिमाचल की सीमा पर होने के कारण पुलिस कार्रवाई के दौरान नशे के कारोबारी पंजाब भाग जाते हैं। अब पंजाब-हिमाचल पुलिस ने संयुक्त अभियान चला कर नशे के काम पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है।