‘मर्यादा ही समाज की मजबूती का आधार है’
लॉ भवन में जैन धर्म के मर्यादा उत्सव पर पहुंचे हरियाणा राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
लॉ भवन में जैन धर्म के 154वें मर्यादा महोत्सव पर मुख्य अतिथि के रूप पर पहुंचे हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि विश्व में भारत मर्यादा के लिए जाना जाता है। मर्यादा समाज की मजबूती का प्रमुख आधार है। बिना मर्यादा और अनुशासन के समाज टिक नहीं पाता और क्षमताएं चूक जाती हैं। इनका पालन करना हर व्यक्ति का कर्त्तव्य है और इसीलिए मर्यादा महोत्सव संपूर्ण मानव जाति के लिए है। महोत्सव का आयोजन अणुव्रत समिति द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान ने सृष्टि बनाने के साथ ही इसके नियम भी बनाए, जिनसे पूरी सृष्टि चल रही है। मगर मानव इसका उल्लंघन करने पर तुला है। वह सुख तो चाहता है, लेकिन उसकी कोई कीमत नहीं देना चाहता।
इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुनिश्री विनय कुमार आलोक ने राज्यपाल को तेरापंथ के संविधान की प्रति भेंट की।
इस मौके पर मुनिश्री विनय कुमार आलोक ने कहा कि स्वयं का अनुशासन स्वयं के काम आता है और दूसरों के लिए अनुकरणीय बनता है। समारोह में अग्नि अखाड़ा के महासचिव संपूर्णानंद ब्रह्मचारी, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, पंजाब प्रांतीय सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल ने भी विचार रखे। अणुव्रत समिति के प्रधान मनोज जैन ने सबका स्वागत व धन्यवाद किया। इस दौरान मुनिश्री अभय कुमार, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव वीएस कुंडू और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।