सुखना लेक की नई क्रूज एक साल में ही खस्ताहाल
- 2016 में सुखना लेक पर शुरू हुई क्रूज दो बार हो चुकी है खराब
- लेक के अंतिम कोने की बजाए एंट्रेस पर ही चल रहा मरम्मत का काम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सुखना लेक पर 2016 में उतारी गई नई क्रूज का लुक एक साल में ही पस्त हो गया है, जिसे अब दुरुस्त करने के लिए सिटको (चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एण्ड टूरिज्म डेवलपमेंट कारर्पोरेशन लिमिटेड) ने इसे 11 दिन के भीतर दुरुस्त करने के आदेश दिए है। इसी आदेश के मद्देनजर सोमवार को सुखना लेक की एकमात्र नई क्रूज को लेक की सड़क पर उतारकर रिपेयर काम शुरू किया गया। रिपेयर के दौरान क्रूज की छत से लेकर सीटों को दुरुस्त किया जाएगा। यहीं नहीं, क्रूज पर पेंट भी दोबारा से किया जाएगा, ताकि इसे नया लुक मिल सके। गौरतलब है कि 2016 में सुखना लेक में उतरी यह क्रूज अब तक दो बार खराब हो चुकी है, जिसे आए दिन सिटको को ठीक करवाना पड़ता है।
35 मिनट के चार्ज किए जाते हैं 300 रुपये
सिटको की इस क्रूज का पर्यटकों में खास क्रेज है। इसे 2016 में सुखना लेक पर उतारा गया था, जिसके कुछ दिनों बाद ही यह खराब हो गई थी। हालांकि रिपेयर के बाद इसे फिर से चलाया गया। इसमें कुल 22 सीटें हैं, जिसका किराया 35 मिनट के लिए 300 रुपये प्रति व्यक्ति चार्ज किए जाते है। इसका समय सुबह दस बजे से लेकर शाम छह बजे तक है।
दो क्रेन से निकाली गई बोट
सोमवार को रिपेयर के लिए क्रूज को दो क्रेन से निकाला गया। लेकिन लेक के अंतिम कोने की बजाए इसे एंट्रेस पर ही दुरुस्त किया जा रहा है। इसे देखकर पर्यटकों को थोड़ा अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन इसकी मरम्मत का काम जोरों पर है। कारीगरों ने बताया कि क्रूज की छत से लेकर नीचे तक पेंट किया जाएगा, ताकि इसे नया लुक दिया जा सके।
क्रूज में रिपेयर का काम चल रहा है। इसकी मशीन खराब हो गई है, इसलिए इसे रिपेयर किया जा रहा है, जो एक-दो दिन में पूरा कर दिया जाएगा।
- अनुराग वालिया, जनरल मैनेजर, सुखना लेक।