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प्रिं सिपल प्रमोशन सूची में धांधली, दर्ज होगी एफआईआर

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प्रिंसिपल प्रमोशन सूची बनाने में हुई धांधली, दर्ज होगी एफआईआर
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सरकारी कॉलेजों में रेगुलर प्रिंसिपल तैनात करने केलिए बनी थी सूची
एक नाम ऐसा, जिनकी एसीआर गायब, विभाग में मचा हड़कंप
सूची रद्द, विभागीय जांच के बाद बनेगी दोबारा सूची
सुशील गंभीर
चंडीगढ़।
अर्से बाद शहर के सरकारी कॉलेजों में रेगुलर प्रिंसिपल तैनात करने के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की ओर से तैयार की गई सूची विवादों में आ गई है। सूची में एक नाम ऐसा है, जिनकी एसीआर गायब हैं। जब उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक यह मामला पहुंचा तो सूची रद्द कर दी गई। विभागीय जांच के आदेश के साथ मामला कानूनी दांव पेच में फंस गया है। क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग पुलिस में शिकायत करके एफआईआर दर्ज कराएगा।
शहर के कुल पांच सरकारी कॉलेजों में से सिर्फ एक में ही रेगुलर प्रिंसिपल कार्यरत हैं। जबकि अन्य कॉलेजों में कार्यकारी प्रिंसिपल ही काम चला रहे हैं। सेक्टर-11 स्थित गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनीता कौशल नियमित पद पर हैं। उच्च शिक्षा विभाग डीपीसी बनाकर प्रमोशन केस तैयार करता है और यूपीएससी में भेजता है। इसी के लिए पिछले दिनों विभाग ने छह नामों की सूची तैयार की थी, जिन्हें प्रमोट करके रेगुलर प्रिंसिपल बनाया जाना था।
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एक कार्यकारी प्रिंसिपल की एसीआर हैं गायब
कार्यकारी प्रिंसिपलों को रेगुलर करने के लिए जो नाम प्रमोशन केलिए तय किए गए थे, उनमें एक ऐसा है जिनकी एसीआर गायब है। 1995 में उन्होंने चंडीगढ़ से टीचिंग की नौकरी छोड़कर हरियाणा में नॉन टीचिंग नौकरी की, लेकिन दो साल बाद फिर से चंडीगढ़ में टीचिंग की नौकरी की। 2010 में भी उनका नाम डीपीसी ने प्रमोशन लिस्ट से हटा दिया था, लेकिन अब फिर से दांव-पेंच लगाकर नाम प्रमोशन सूची में डाला गया, जो एक बार फिर विवादों मे आ गया है।

कोट
प्रमोशन केलिए बनाई सूची रद्द कर दी गई है। डीपीसी फिर से बनाई जाएगी। रिकॉर्ड की जांच होगी और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
राकेश पोपली, डायरेक्टर हायर एजूकेशन
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