चंडीगढ़। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रविवार शाम को जब कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुंचे तो उस दौरान एक एक अजीब सी स्थिति बन गई। शाह शाम करीब 7.20 बजे सेक्टर-27 के रामलीला मैदान में पहुंचे तो सभी कार्यकर्ताओं ने मोबाइल का टॉर्च जलाकर शाह का स्वागत किया और जोरदार नारेबाजी की। स्टेज पर जाने के करीब 15 मिनट बाद जब शाह ने माइक थामा तो अचानक एक-एक कर महिला कार्यकर्ताओं ने मैदान छोड़ना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनट में करीब 300 से ज्यादा कार्यकर्ता उठकर चले गए और शाह के सामने कुर्सियां खाली हो गईं। यह देख भाजपा नेताओं के चेहरे की हवाइयां उड़ गई। स्टेज पर बैठे पार्षद अरुण सूद, सतिंद्र सिंह और रामबीर भट्टी तुरंत मोबाइल पर बात करते दिखे। अचानक सतिंद्र सिंह अपनी कुर्सी से उठे और मंच से नीचे आ गए। वहीं, सांसद किरण खेर भी परेशान दिखीं, लेकिन किसी तरह मौके को संभाला गया और महिलाओं के लिए रिजर्व की गईं कुर्सियों पर पुरुषों को बैठाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अमित शाह का भाषण चलता रहा। शाह सबकुछ देखते रहे और 17 मिनट में भी भाषण खत्म कर मंच से चले गए।
जनसभा या कार्यकर्ता सम्मेलन, दिनभर रहा कंफ्यूजन
कार्यक्रम पर दिनभर लोगों में कंफ्यूजन रहा। यह कंफ्यूजन भी भाजपा के दो तरह के पोस्टर-बैनर की वजह से हुआ। दरअसल, अमित शाह के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्विट किया गया कि वह चंडीगढ़ में विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंच रहे हैं। एक ऐसा ही बैनर किरण खेर के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्विट किया गया। दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन भी एक फोटो शेयर की जिसमें लिखा गया कि अमित शाह सेक्टर-27 में कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने आ रहे हैं। यही नहीं भाजपा की तरफ से मीडिया को भेजे निमंत्रण में भी कहा गया था कि रामलीला मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
शाह को दिए लिस्ट में नहीं था सतिंद्र सिंह का नाम
भाजपा की जनसभा में गुटबाजी साफ देखने को मिली। अमित शाह ने मंच पर बैठे तमाम नेताओं का नाम लिया, लेकिन चुनाव संचालन समिति के सह-संयोजक सतिंद्र सिंह का नाम नहीं लिया। शाह को नामों की जो लिस्ट दी गई थी, उसमें सतिंद्र सिंह का नाम ही नही था जबकि सतिंद्र सिंह रामबीर भट्टी के साथ मिलकर भाजपा के पूरे चुनाव संचालन का काम देख रहे हैं। चुनाव संचालन समिति के संयोजक रामबीर भट्टी हैं, लेकिन जैसे ही किरण खेर को टिकट मिली। खेर ने सबसे पहले चुनाव संचालन समिति में बदलाव कर रामबीर भट्टी के साथ पूर्व पार्षद सतिंद्र सिंह को यह जिम्मेदारी सौंप दी थी।