एक दर्जन मतदान केंद्रों पर नहीं हैं रैंप, दिव्यांग कैसे करेंगे मतदान
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बूथों के सर्वे के बाद हुआ मतदान केंद्रों पर रैंप नहीं होने का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की अव्यवस्था से मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी इस बार दिव्यांग मतदाताओं को होनी वाली है। शहर के करीब एक दर्जन मतदान केंद्रों में रैंप ही नहीं है। अगर समय रहते रैंप का निर्माण कार्य नहीं हुआ तो दिव्यांग मतदाताओं को वोट डालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि सर्वे करा लिया गया है। जिन बूथों पर कोई समस्या है, उसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा।
आगामी लोकसभा चुनाव की तिथि मार्च महीने में घोषित होने की संभावना है। इसके बाद सिटी में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। शहर में 72 दिन तक इस आचार संहिता का असर रहेगा। लोकसभा चुनाव को लेकर प्रशासन स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। चंडीगढ़ में अनेक मतदान केंद्रों की हालत खराब है। ग्रामीण क्षेत्र के कई ऐसे मतदान केंद्र हैं, जहां पानी, बिजली, फर्नीचर के अलावा पहुंच सड़कें तक सही हालत में नहीं हैं। इसके अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब एक बूथों में तो रैंप ही नहीं है। इसका खुलासा बूथों के सर्वे के बाद हुआ है। चंडीगढ़ में कुल 597 मतदान बूथ हैं। ऐसे में दिव्यांगों को वोटिंग करने में मुसीबत होगी। चुनाव को लेकर जिला प्रशासन भारी मतदान के लिए प्रचार प्रसार कर रहा है। वहीं रैंप के बिना दिव्यांगों को ईवीएम मशीन तक जाने में भारी परेशानी हो सकती है। कई बूथों पर ऊंची सीढ़ियां भी इनके लिए आफत बनेंगीं। इससे इतर प्रशासन का कहना है कि सर्वे के बाद जो भी बूथ खराब मिले हैं। उन्हें जल्द ही ठीक करीब लिया जाएगा। जहां रैंप खराब या जर्जर हैं, उन्हें भी दुरुस्त करा लिया जाएगा।
ऐसे हुआ सर्वे
एडिशनल चीफ इलेक्शन ऑफिसर कम डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर अफसरों की टीम बनाकर बूथों के सर्वे का काम कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, सर्वे का काम जनवरी माह में ही पूरा कर लिया गया है। इसी सर्वे के आधार पर बूथों के संवेदनशील चुना गया है। प्रशासन की ओर से अधिकारियों की सूची बनाकर उन्हें बूथवार रिपोर्ट बनाकर देने के लिए कहा है। एक अधिकारी को 20 से 35 बूथों के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया था।