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नाटक का मंचन

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अगली सदी दा 47 में दिखाया भारत-पाक के बीच जल और भाईचारे के बंटवारे का दर्द

-पंजाब कला भवन में ट्राइसिटी थियेटर फेस्टिवल का आयोजन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जल बंटवारे को लेकर 1950 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव से लेकर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक लगाव को मंच पर नाटक अगली सदी दा 47 ने बयां किया। बंटवारे के दर्द से लेकर वर्तमान समय में देश के शहीद जवानों के दर्द को भी नाटक ने बयां किया। शहर की मशहूर रंगमंचकर्मी एवं कलाकार अनीता शब्दीस ने इसका निर्देशन किया। मशहूर लेखक शब्दीश के लेखन से सजे इस नाटक का मंचन शनिवार को बाल भवन सेक्टर-23 में किया गया। यह नाटक ट्राइसिटी थियेटर फेस्टिवल में किया गया। नाटक को सुचेतक रंगमंच मोहाली के कलाकारों ने प्रस्तुत किया। यह फेस्टिवल नार्थ जोन कल्चर सेंटर पटियाला की ओर से करवाया जा रहा है।

नाटक ने दिखाया कला, जल और भाईचारे का बंटवारे का दर्द
पंजाबी नाटक अगली सदी दा 47 ने दर्शकों का दिल जीत लिया। नाटक की कहानी सादत हसन मंटो की कहानी यज़ीद पर आधारित था। सांस्कृतिक लगाव और राजनीतिक की स्थिति का वर्णन करते इस नाटक ने दोनों देशों की लोेगों की मानवीय संवेदनाओं को बयां किया। दोनों देश के बीच युद्ध के दौरान झड़पों में सैनिकों की हत्या को भी दिखाया गया। नाटक में 1950 के उस दौर को दिखाया गया जब इंदू वॉटर को भारत ने बंद कर दिया था। पाकिस्तान को मिलने वाला इंदू पानी जब बंद हुआ तो पाकिस्तान के लोगों ने भारत को कर्बला का पानी तक कह दिया था। नाटक की कहानी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया गया। नाटक में पंजाबी गीत को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।
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17 मार्च को होगा एक ओर द्रोणाचार्य
फेस्टिवल में 17 मार्च को एक ओर द्रोणाचार्य नाटक का मंचन किया जाएगा। नाटक को देशी रंगमंच की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा। इसका लेखन शंकर शेष एवं सचिन शर्मा ने किया।

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