तौबा ये मतवाली चाल.. झुक जाए फूलों की डाल..
-टैगोर थियेटर में ‘मुकेश की यादों’ नामक कार्यक्रम में मुकेश के गीतों से सजी महफिल का दर्शकों ने लिया आनंद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुप्रसिद्ध गायक मुकेश के सुपरहिट गीतों की जब बात हो तो श्रोताओं का उत्साहित होना लाजमी हैं। जोश, उमंग और जिंदगी के रंगों से रंगे उनके गीतों की महफिल सोमवार को टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में ‘मुकेश की यादों’ नामक कार्यक्रम में सजी। इसकी शुरुआत हरकेश ने जोत से जोत गाकर की, तो अमित ने सजन रे झूठ मत बोलो से से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। यह कार्यक्रम चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी एवं पंचम म्यूजिकल क्लब की ओर से उनकी याद में करवाया गया।
तौबा ये मतवाली चाल... झुक जाए फूलों की डाल... गीत डॉ. अनिल शर्मा ने पेश कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। संजय खन्ना ने दोस्त दोस्त न रहा.. पेश कर खूब वाहवाही लूटी। वहीं हरकेश ने छोड़ो कल की बातें..कल की बात पुरानी.. गीत को गाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद गायक संजीव ने जाने कहां गए वो दिन.. गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
संगम फिल्म का गीत जीना यहां मरना यहां.. इसके सिवा जाना कहां... गायक संजय ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। महफिल में आगे बढ़ाते हुए गायक विकास ने दम दम डीगा डीगा..., डॉ. अरुण कांत ने ये मेरा दीवानापन है.. राज ने जुबान पे दर्द भरी दास्तां.. गाकर सबका मन मोह लिया। गायक अनुराग ने कभी दूर जब दिल ढल जाए... गायिका दीप्ति एवं विराची कौशिक ने ईश्क में हम और गायक हरकेश ने कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है... गाकर दर्शकाें का मनोरंजन किया। इस महफिल में गायक मुकेश के 24 सुपरहिट गीत गाए गए। अंत में जसप्रीत जस्सल श्वेता एंड ग्रुप ने वंदे मातरम वंदे मातरम् गाकर कार्यक्रम का समापन किया।