खबर जरूर लगाई जाए।
होर्डिंग्स की भरमार, नगर काउंसिल की कार्रवाई जीरो
अमर उजाला ब्यूरो
खन्ना।
खन्ना में जीटी रोड पर लगे होर्डिंग्स जहां पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वहीं इन होर्डिंग्स की वजह से रोजाना हादसे भी हो रहे हैं। क्योंकि, सड़क पर चलते समय वाहन चालकों का ध्यान होर्डिंग्स की तरफ चला जाता है और हादसा हो जाता है। नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ होर्डिंग्स की भरमार पर नगर काउंसिल की कार्रवाई जीरो साबित हो रही है। इसे लेकर नगर काउंसिल की कार्यशैली पर तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं और शहर में अनेक चर्चाओं का बाजार गर्म है। मंडी गोबिंदगढ़ से आते समय शहर में एंट्री की बात करें तो एसएसपी दफतर से पुल उतरते ही सर्विस लेन पर होर्डिग्स शुरू हो जाते हैं, जो शहर से बाहर सुआ पुली भट्टियां तक लगे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ लुधियाना से आते हुए शहर में एंट्री की बात करें तो भट्टियां शुरू होते ही एसएसपी दफतर तक होर्डिंग्स की भरमार है। इससे लोकल बाडी महकमे को महीने में लाखों रुपये का चूना लग रहा है। आखिर जीटी रोड पर किसकी मंजूरी से कौन होर्डिंग्स लगा रहा हैं? और सारा पैसा किसकी जेब में जा रहा है? यह सब तथ्य जांच का विषय हैं। इस पर लोकल बाडी महकमे को उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और सरकार को लगने वाला चूना बचाना चाहिए।
कानून मुताबिक नहीं लग सकता कोई होर्डिंग
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के नियमों के मुताबिक जीटी रोड तथा इसके साथ जितनी भी जगह नेशनल हाईवे आफ अथारिटी की है, पर किसी भी तरह का कोई होर्डिंग नहीं लग सकता और न ही यहां कोई होर्डिंग लगाने के लिए कोई मंजूरी दे सकता है। इस मुताबिक नेशनल हाईवे आफ अथारिटी की जगह में लगे सभी होर्डिंगस गैर कानूनी हैं।
क्या कहना है लोक सेवा क्लब प्रधान पीडी बांसल का
होर्डिंग्स के मसले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाली संस्था लोक सेवा क्लब के प्रधान पीडी बांसल ने कहा कि नेशनल अथारिटी आफ इंडिया से आरटीआई तहत प्राप्त सूचना अनुसार नगर काउंसिल खन्ना की हद अंदर बीच में से निकलने वाली सिक्स लेन की चौड़ाई 80 से 100 मीटर अनुपात के बीच है। सीओसीपी नंबर 2695-2012 में नेशनल आफ अथारिटी आफ इंडिया द्वारा दायर किए गए हलफनामे अनुसार किसी को भी होर्डिंग्स, वाल पेंटिंग, विज्ञापन बोर्ड लगाने की प्रवानगी नहीं दी गई है। बेशक जीटी रोड के ऊपर या सर्विस लेन (80 से 100 मीटर दायरा) में लगे होर्डिंग्स को हटाने के लिए नगर काउंसिल जिम्मेवार है। बांसल ने कहा कि नगर काउंसिल के ईओ जो दावा कर रहे हैं कि सर्विस लेन पर लगे होर्डिंग्स कानून मुताबिक लगाए गए हैं और इनकी फीस जमा कराई जाती है, बिलकुल गलत है। इस दावे से ईओ गुमराह कर रहे हैं। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के अनुसार 80 से 100 मीटर का जो दायरा उनका है, उसमें होर्डिंगस नहीं लगाए जा सकते। बांसल ने कहा कि इस दायरे में लगे होर्डिंगस को वे हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे। ---
क्या कहना है नगर काउंसिल के ईओ का
जब इस संबंध में नगर काउंसिल के ईओ रवनीत सिंह ने कहा कि कभी भी किसी को नाजायज होर्डिंग्स लगाने की इजाजत नहीं दी है। जीटी रोड के साथ साथ शहर में जितने भी होर्डिंग्स लगे हैं, सभी कानून के दायरे में लगे हैं और बकायदा जगह के अनुसार होर्डिंग्स लगाने वालों से बनती फीस नगर काउंसिल वसूल रही है। जीटी रोड पर लगे होर्डिंग्स के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए ईओ ने बताया कि वर्ष 2015 में एक सब कमेटी बनाई गई थी, जिसमें कई विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था, में जो जगह का चयन करते हुए स्थान निश्चित किए गए थे, में ही होर्डिंग लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल माननीय हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना नहीं कर रहा है। उन्होंने आगे बताया कि 31 मार्च के उपरांत शहर के किसी भाग में भी होर्डिंग नहीं दिखेंगे। नए नियमों के मुताबिक होर्डिंग लगाने की मंजूरी राज्य स्तर पर दी जाएगी। उधर, एसडीएम खन्ना संदीप सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इसे चेक करवाता हूं