जानकारी के अनुसार, गांव छज्जूनगर निवासी अजय की एक वर्षीय बेटी दिवांशी का बुधवार को जन्मदिन था। जन्मदिन को लेकर बुधवार शाम को पार्टी का आयोजन किया गया। पार्टी में रिश्तेदारों को भी बुलाया गया था। जन्मदिन पार्टी में डीजे बजाया जा रहा था। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाले पूर्व फौजी केशव मौके पर आ गया और डीजे बजाने का विरोध करने लगा। आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी। लोगों ने उसे समझाकर घर भेज दिया। कुछ देर बाद केशव अपने साथ चंद्रपाल, नेत्रपाल, मुकेश, मोनू, मोंटू, दीपक, नरेश, जलदेव, सत्यप्रकाश, मनीष, पृथ्वी, अतुल, जीतू, जगत, राजबीर व अन्य महिलाओं के साथ हाथों में बंदूक, लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी व लोहे की रॉड लेकर मौके पर आए और परिवार पर हमला कर दिया। आरोपियों ने मौके पर फायरिंग कर दी, जिससे जन्मदिन पार्टी में शामिल होने आई गांव पृथला निवासी अजय की भुआ सुमरन के सिर में गोली गई।
इसके बाद भी आरोपी नहीं रुके और अन्य परिजनों के साथ लाठी-डंडों व रॉड से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायलों कर दिया। गोली लगने से घायल सुमरन को फरीदाबाद के निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं अन्य इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। हमले में अजय, नमृता, पवन, पूनम, जितेंद्र सहित करीब एक दर्जन गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपियों ने घर में खड़ी गाड़ी, बाइक व अन्य सामान को भी तोड़ दिया। महिलाओं ने घर अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
पंचायती चुनाव को लेकर चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार आरोपी पूर्व फौजी केशव ने साल 2022 में ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह हार गया। वह अपनी हार का जिम्मेवार अजय के परिवार को मानता है और उसकी से अजय के परिवार के साथ रंजिश रखे हुए था। बुधवार को केशव ने डीजे बजाने पर झगड़ा शुरू कर दिया, जो खूनी संघर्ष में बदल गया।