मोबाइल पर तलाक देने के मामले में तलाक दी गई पीड़ित महिला को पंचों ने मायके के गांव चैलाकी तहसील तिजारा जिला अलवर के लिए रुखसत कर दिया है। महिला को पांच लाख नकदी के साथ करीब छह लाख रुपये के आभूषण भी दिए गए हैं।
सुसराल पक्ष 12 फरवरी तक तलाक के बदले तय किए गए 25 लाख रुपये देेगा। बतौर गारंटी सुसराल पक्ष ने दो एकड़ जमीन का एग्रीमेंट एक पंच के नाम कर दिया है। जैसे ही 25 लाख की राशि पूरी हो जाएगी, जमीन का एग्रीमेंट रद्द कर दिया जाएगा।
उटावड गांव के सरपंच व मेव मुस्लिम महापंचायत के प्रमुख पंच हाजी आस मोहम्मद ने बताया कि सुसराल पक्ष और मायके पक्ष के बीच कोई विवाद नहीं रह गया है। मोबाइल पर दिए गए तलाक को जहां पंचों ने आलिमों की सलाह पर इस्लामी रिवायत के तहत मुहर लगा दी। वहीं विधि विशेषज्ञों की राय पर पंचों ने लड़के पक्ष व लड़की पक्ष की तरफ से भी एफिडेविट लिए।
पति नसीम की तरफ से व पत्नी की तरफ से लिखित तलाकनामें सरकारी राजस्व कागजों पर वकीलों की हाजिरी में कराए गए, जिन्हें 12 फरवरी को पुलिस व अन्य लोगों को सौंपा जाएगा। 12 फरवरी तक पति पक्ष 25 लाख रुपये पूरे करके पंचों को सौंप देगा। महिला को पंचों की हाजिरी में ही सुसराल विदा किया गया। अभी महिला दोनों बच्चे अपने साथ ले गई है। फैसले के अनुसार, पंचों ने उनके परवरिश की जिम्मेदारी पति पक्ष को सौंपी है।
दु:खी थी महिला
जिस समय महिला को विदा किया गया वह काफी दु:खी नजर आई। एक बार तो उसने तलाकनामें पर हस्ताक्षर करने से इंनकार कर दिया, लेकिन पंचों के समझाने पर राजी हो गई। उल्लेखनीय है कि मलाई गांव निवासी नसीम ने अपनी पत्नी को मोबाइल पर तलाक दे दिया था। इस पर खासा विवाद भी हुआ था।