होडल। जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्नी और भाभी द्वारा फर्जीवाड़ा कर नौकरी और पेंशन दोनों लेने का मामला सामने आया है। पहले पत्नी ने सरकारी नौकरी ले ली। उसके बाद भाभी ने भी खुद को कर्मचारी की पत्नी होने का शपथ पत्र देकर विभाग से पेंशन चालू करवा ली। पिछले 24 वर्षों से चल रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा एक आरटीआई एक्टीविस्ट की ओर से दायर आरटीआई पर विभाग की जांच के बाद हुआ। सूचना मांगने वाले व्यक्ति ने सरकार के खजाने में सेंध लगाने के लिए दोनों महिलाओं के खिलाफ जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता को केस दर्ज करवाने की मांग की हैं।
दरअसल जन स्वास्थ्य विभाग में पंप अटेंडेंट बाबूराम की ड्यूटी के दौरान वर्ष 1999 में मौत हुई थी। इसके बाद विभाग की ओर से उसकी पत्नी बबीता को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी गई थी। इस मामले में एक आरटीआई एक्टीविस्ट ने आरटीआई एक्ट के तहत सूचना मांगी थी। इसमें खुलासा हुआ कि मृतक कर्मचारियों की पत्नी बबीता को वर्ष 2001 में अनुकंपा के आधार पर जन स्वास्थ्य विभाग में माली कम चौकीदार की नौकरी दे दी गई थी। मृतक की पत्नी को नौकरी मिलने के बाद उसकी भाभी बीना ने कर्मचारी बाबूलाल की पत्नी के रूप में शपथ पत्र देकर विभाग में पेंशन के लिए आवेदन कर दिया। विभाग ने मृतक कर्मचारी के नाम पर पेंशन देनी शुरू कर दी। कार्यकारी अभियंता ने खुलासा किया कि दोनों ने सरकारी खजाने को चूना लगाया है। संवाद