जिला बनने के 21 साल बाद भी बरसात में सरकारी दफ्तरों से बाजार तक पानी-पानी, चार माह परेशानी झेलते हैं शहरवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह को जिला मुख्यालय बने करीब 21 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन शहर की सबसे पुरानी और गंभीर समस्याओं में शामिल जलभराव का आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बरसात आते ही शहर की सड़कें और गलियां जलमग्न हो जाती हैं और कई सरकारी कार्यालयों के सामने भी कई-कई फुट पानी जमा हो जाता है।
नूंह में जिला मुख्यालय से जुड़ी तमाम बड़ी इमारतें और संस्थान बन चुके हैं। लघु सचिवालय, जिला अदालत, आईटीआई और बस अड्डे जैसे भवनों का निर्माण हो चुका है, लेकिन शहर की जल निकासी व्यवस्था आज भी सवालों के घेरे में है। बारिश के दिनों में सरकारी कार्यालयों में आने वाले कर्मचारी, अधिकारी और आम लोग पानी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर होते हैं।
मामले में नगरपालिका, नूंह के चेयरमैन संजय मनोचा ने कहा कि शहर में सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। पानी की व्यवस्था के लिए हाल ही में 37 किलोमीटर लाइन मंजूर हुई है। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए योजना तैयार की जा रही है।
विश्राम गृह और लोक निर्माण विभाग कार्यालय में भी समस्या
शहर के पुराने विश्राम गृह और लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सामने बरसात के दौरान पानी जमा हो जाता है। बिजली बोर्ड कार्यालय और 66 केवी सब स्टेशन के आसपास भी जलभराव के कारण लोगों को परेशानी होती है। रेडक्रॉस कार्यालय, महिला थाना और कृषि विभाग कार्यालय के सामने भी बारिश के बाद पानी जमा रहने से आवागमन प्रभावित होता है। अनाज मंडी के प्रवेश द्वार के पास साइबर थाना और मंडी कार्यालय के आसपास भी जलभराव की समस्या सामने आती है। बस अड्डे के सामने पानी जमा होने से यात्रियों को परेशानी होती है, जबकि बस डिपो परिसर में खड़ी बसों के आसपास पानी भरने से वाहनों के खराब होने की आशंका बनी रहती है।
बाजार और रिहायशी इलाकों में भी हालात खराब
समस्या केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं है। शहर के कब्रिस्तान क्षेत्र के अलावा वार्ड नंबर 2, 3, 12 और 13 की कई गलियों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा हो जाता है। मुख्य बाजार और नंगली चौक पर भी बारिश के दौरान दुकानों के सामने पानी भरने से दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी होती है।
वर्जन
पिछले 12 वर्षों में भाजपा की सरकार है और उनके अनुसार नूंह में विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ। कांग्रेस की सरकार बनने पर नूंह शहर को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। - आफताब अहमद, विधायक, नूंह