पलवल(प्रवीण बैंसला)। किसान आंदोलन के दौरान शनिवार को आसमान में बादल छाते ही धरना स्थल पर लगे पंडाल के साथ ही वाटर प्रूफ तंबू लगवा दिया गया है। अलग-अलग साइज के इन पंडालों में 20 किसान तक एक साथ ठहर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर पूरे दिन अलाव जलाकर आंदोलन पर चर्चा का दौर जारी रहा।
मध्य प्रदेश व आगरा के गुरुद्वारों द्वारा लंगर सेवा लगातार जारी है। प्रतिदिन 5 से 7 हजार लोगों को भोजन कराया जा रहा है। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाएं भी लगातार बढ़ाई जा रही हैं। किराये के पंडाल को हटवाकर किसानों ने चंदा कर वाटर प्रूफ पंडाल लगवा दिया गया है। वहीं बाहरी किसानों के ठहरने के लिए वाटर प्रूफ तंबू लगाए गए। इसमें नीचे फाइबर की सीट लगी हुई है, जिससे बारिश का पानी तंबू के नीचे से ही निकल जाए। वहीं ठंड का बढ़ता कहर भी किसानों का जोश कम नहीं कर पा रहा है। शीत लहर के थपेड़ों के बीच किसान अलाव जलाकर आंदोलन पर चर्चा करते रहते हैं। गांवों के तरफ से अलाव के लिए ट्रॉली भर-भरकर ईंधन भिजवाया जा रहा है। (संवाद)