पलवल। जिला परिषद में इस बार पांच के बजाय तीन वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित करने का दलित समाज ने विरोध शुरू कर दिया है। समाज के लोग इस निर्णय के खिलाफ एकजुट होने लगे हैं। इसके विरोध में सोमवार को होडल के पूर्व विधायक उदयभान, जिला उपायुक्त नरेश नरवाल से भी मिले और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए फिर से 5 वार्ड आरक्षित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बारे में जल्द निर्णय नहीं हुआ तो दलित समाज जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेगा। उच्च न्यायालय का सहारा भी लेगा।
पूर्व विधायक उदयभान ने विश्रामगृह में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि पलवल जिले में जिला परिषद के पांच वार्डों को काटकर तीन वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। यह दलित समाज के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के दबाव में अधिकारियों ने ऐसा किया है। पूर्व विधायक उदयभान के साथ पलवल से पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करण सिंह दलाल भी थे।
उदयभान ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक जिले में 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति की जनसंख्या है। उस हिसाब से 2011 व 2016 में हुए जिला परिषद चुनावों में जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए पांच वार्ड आरक्षित किए गए थे। हाल ही में फरवरी 2021 में निकाले गए ड्रा में भी पांच वार्ड आरक्षित थे, लेकिन अचानक तीन महीने बाद फिर से निकाले गए ड्रा में केवल तीन वार्ड रखे गए थे। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ वे उच्च न्यायालय का सहारा लेंगे। उदयभान ने कहा कि इस मामले में 11 जुलाई को संत रविदास पार्क में दलित समाज की जिला स्तर पर पंचायत आयोजित की जाएगी। उसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर कांग्रेस नेता एसके शर्मा, राजेश्वर गर्ग, देवेश चौधरी, चरण सिंह किशनपाल व खेमचंद भी मौजूद थे।