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Palwal News: वसंत विहार पुलिस ने ब्रिगेडियर व उनके बेटे से मारपीट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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वारदात में इस्तेमाल मर्सिडीज कार भी जब्त, 11 अप्रैल को हुई थी मारपीट की घटना
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने वसंत एन्क्लेव इलाके में सार्वजनिक रूप से शराब पीने से मना करने पर सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मंगलवार को दोनों कार सवारों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं घटना में इस्तेमाल हुई मर्सिडीज कार को भी जब्त किया है।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में वसंत एन्क्लेव में सेना के एक ब्रिगेडियर और उनके आईआईटी स्नातक बेटे पर कुछ लोगों ने हमला किया और उनकी पत्नी को धमकी दी। यह घटना तब हुई जब सैन्य अधिकारी ने अपने घर के पास खड़ी एक कार में शराब पी रहे दो लोगों का विरोध किया। यह घटना 11 अप्रैल को हुई थी। कार में शराब पीने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अमित गोयल ने बताया कि वीडियो में गाड़ी में दिख रहे दोनों आरोपियों 49 वर्षीय सतेंद्र उर्फ सोनू और 56 साल के संजय शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महरम नगर निवासी सतेंद्र चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का निदेशक है। साथ ही वह उड़ान सेवाएं (चार्टर्ड उड़ानें, कार्गो उड़ानें आदि) प्रदान करती है और विमानों और उनके पुर्जों की बिक्री और खरीद में भी शामिल है।
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पुलिस ने बताया कि संजय शर्मा भी महरम नगर का निवासी है और इलाके में ही एक ढाबा चलाता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल ‘मर्सिडीज़’ गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। इससे पहले, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 79 (किसी महिला की गरिमा का अपमान करने या उसकी निजता का उल्लंघन करने के इरादे से कोई शब्द, इशारा, कार्य), 191(2) (दंगा) और 190 (गैरकानूनी सभा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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मारपीट के दौरान पुलिस कार से उतरी तक नहीं : मारपीट की घटना के दौरान पुलिस की टीम भी मौजूद थी। कम संख्या का हवाला देते हुए पुलिस टीम डर के मारे वाहन से उतरी ही नहीं थी। वहीं, मामले में लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर (आईओ) लाइन हाजिर किया गया है। इस मामले का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए। मामला सेना से जुड़ा होने के बाद भी पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर लोगों ने रोष जाहिर किया। प्रसारित वीडियो में दिख रहे दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में दिल्ली के उप राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद पुलिस सक्रिय हुई थी।
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