नोटबंदी का सरकारी फरमान ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के बर्बादी के कगार पर पहुंचा सकता है। हालात यह बने हुए हैं कि मालवाहक वाहनों में माने जाने वाले ट्रकों का नौ दिन से 75 फीसदी तक चक्का जाम पड़ा हुआ है।
यदि ऐसे ही हालात रहे तो जरूरी सामान तक की आपूर्ति ठप्प हो सकती है, जिसके चलते खाद्य सामग्री तक का संकट बढ़ सकता है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि एक तो एकाएक आई महामंदी के चलते पहले तो माल ही नहीं मिल रहा, और अगर मिल भी रहा है तो व्यापारी भाड़े में 1000-500 के नोट थमा रहे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करने के बाद से ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय चौपट सा होकर रह गया है। छोटे नोटों की कमी से ट्रांसपोर्टरों का सामान जहां-तहां फंसकर रह गया है। चालक-परिचालक तो एक तरफ ट्रक मालिकों को भी ले-देकर गुजारा चला रहे हैं।
अनेकों ट्रांसपोर्टरों ने तो अपने ट्रकों को घरों पर ही खड़ा कर दिया। सामान कम पहुंचने से दुकानदार भी परेशान होने लगे हैं, हालांकि बिक्र्ती कम होने से दुकानदारों को ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन ट्रांसपोर्टर और चालक-परिचालक बेहद परेशान हैं।