रोजाना 30 टन कूड़ा डाला जाता है डंपिंग साइट पर
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। नगर परिषद प्रशासन की ओर से गांव डाड़का मार्ग के पास बनाए गए अवैध कूड़ा डंपिंग साइट पर 24 घंटे आग लगी रहती है। कूड़े के ढेर में आग लगने से आसपास के गांव और शहरों में प्रदूषण फैल रहा है। इससे कई प्रकार की जहरीली गैसें और धुआं उठता है। धुएं के कारण क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर संकट के बादल छा रहे हैं। नगर परिषद द्वारा डंपिंग साइट पर प्रतिदिन 30 टन कूड़ा डाला जाता है, लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं है। प्रतिदिन कूड़े में किसी न किसी कारण आग लग जाती है या कहें कि लगा दी जाती है।
मंगलवार को भी कूड़ा धधकता दिखा। ग्रामीणों का आरोप है कि आग से विभिन्न प्रकार की गैसें निकलकर नजदीक ही स्थित गांव के लोगों के लिए सांस की बीमारी का कारण बन रहीं हैं। एनजीटी के साफ निर्देश हैं कि सरेआम कूड़ा नहीं जलाया जा सकता लेकिन उसके बावजूद अवैध डंपिंग साइट सहित प्रतिदिन किसी न किसी कूड़ा कलेक्शन सेंटर पर आग सुलगती देखी जा सकती है।
नगर परिषद के अधिकारी मानते हैं कि गर्मी के चलते कूड़े में मिथेन गैस बन जाती है, जिससे आग लगती है। मंगलवार की दोपहर कूड़े में लगी आग की सूचना दमकल विभाग के कर्मचारियों को मिली तो वह गाड़ी लेकर पहुंचे। एक घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
होडल नगर परिषद से प्रतिदिन निकलता है 40 से 50 टन कूड़ा
कूड़ा कलेक्शन सेंटर तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी सरेआम कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन नगर परिषद कोई कार्रवाई नहीं कर रही। डंपिंग साइट पर न तो ठेकेदार और न ही नगर परिषद के किसी कर्मी की ड्यूटी लगाई है, जो लगने वाली आग के चलते सूचना फायर ब्रिगेड को दे सके। यह डंपिंग साइट गांव के रिहायशी क्षेत्र से मात्र से लगभग 150 मीटर की दूरी पर है।
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डंपिंग साइट की चहारदीवारी तक नहीं
गांव गढ़ी पट्टी रोड पर जहां नगर परिषद ने कूड़ा डालने के लिए डंपिंग साइट बनाई है, वह पूरी तरह से खुली है। डंपिंग साइट के चारों तरफ कोई दीवार तक नहीं बनाई गई है। डंपिंग साइट पर पानी भरने के कारण यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि पानी व कूड़ा मिलने से भयंकर बदबू का वातावरण बन जाता है। नगर परिषद द्वारा डंपिंग साइट पर चहारदीवारी बनाना प्रस्तावित है, लेकिन नगर परिषद की बैठक में उसका प्रस्ताव लाने के बाद ही इस मामले में अगली कार्रवाई हो सकेगी।
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नगर परिषद द्वारा शहर का कूड़ा गांव डाड़का सड़क मार्ग पर बनी साइट पर डलवाया जाता है। नगर परिषद या ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार से कूड़े में आग नहीं लगाई जाती बल्कि कूड़े में स्वयं ही मिथेन गैस बनकर आग लग जाती है या कई बार कूड़े में गर्म राख आने के कारण आग लग जाती है। आग लगने की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड को भेजकर आग बुझाने का काम किया जाता है। मंगलवार की दोपहर आग की सूचना मिली तो आग को बुझा दिया गया।
- डीके सोलंकी एसडीओ, नगर परिषद, होडल