संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बहन-भाई के अमर प्रेम व स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विवाहित महिलाएं अपने भाइयों के घर पहुंचीं और भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। युवतियों ने भी भाइयों की कलाई पर राखी बांध सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी हमेशा की तरह बहनों की रक्षा का वचन दिया। इस बार दो दिन रक्षाबंधन पर्व मनाए जाने के बावजूद क्षेत्र में पर्व को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। सरकार द्वारा भी रक्षाबंधन पर्व की छुट्टी बुधवार को ही कर दी गई। जिससे उन लोगों को खासकर कामकाजी महिलाओं को बेहद परेशानी हुई, जो रक्षाबंधन का पर्व बृहस्पतिवार 31 अगस्त को मनाएंगी।
बेशक दो दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा, लेकिन ग्रामीण अंचल वाले पलवल जिले में भाइयों के घर जाने के लिए विवाहित महिलाओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। सुबह ही महिलाएं बच्चों को लेकर भाइयों के घरों के लिए निकल गईं। सुबह से ही मिठाई की दुकानों व फल विक्रेताओं पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। जिन घरों में बुधवार को ही राखी का पर्व मनाया गया, उन घरों में खर रोली, चावल, चंदन का मिश्रण से बहनों ने भाई के माथे पर पहले तिलक किया और फिर उनकी कलाई पर राखी बांधकर व मुंह मीठा करवाते हुए भगवान से अपने भाई व परिवार की सुख समृद्धि, खुशहाली और तरक्की की कामना की। कुछ घरों में बहनों ने राखी बांधने से पूर्व भाई की आरती उतारते हुए उनकी लंबी उम्र की कामना की।
नवविवाहिता बहनों में दिखा उत्साह
हाल ही में या पिछले वर्ष जिन युवतियों की शादी हुई है, वह अपनी ससुराल से पीहर पहुंची। ऐसी बहनों में भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का विशेष उत्साह नजर आया। चूंकि शादी के बाद उनके लिए यह पहला मौका था। इसलिए रोमांच व उत्साह भी कुछ अलग था। ऐसी बहनों के हाथ डिजाइनदार मेहंदी से सजे नजर आए।
नन्हीं बहनों व भाइयों में रहा खासा उत्साह
पांच वर्षीय पूजा व डोली हो या तीन वर्ष डिपंल, निकुंज और औजस सभी बच्चों के चेहरों पर रक्षाबंधन का खास उत्साह नजर आया। आम दिनों में सुबह उठाने के लिए आलस दिखाने वाले बच्चे राखी बंधवाने के लिए जल्दी उठ गए और जब नहाकर तैयार हो गए, तो फिर इनमें राखी बांधने और बंधवाने की जल्दी मची रही।
न्यू कालोनी निवासी पूजा मंगला व होडल निवासी मीनू गर्ग ने बताया कि बच्चों में विशेष उत्साह था। सभी बच्चे अपनी पसंद की राखी लेकर आए और रविवार को सबसे पहले राखी बंधवाई। अभिभावकों ने बच्चों को रक्षाबंधन का महत्व बताया।
अभाविप से जुड़ी छात्राओं फौजियों की कलाई पर बांधी राखी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा स्वदेशी राखी प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में बनी राखियों को पलवल में नूंह हिंसा के बाद से सुरक्षा में तैनात आरएएफ कंपनियों के जवानों की कलाई पर बांधा गया। वेदांता पब्लिक स्कूल और तक्षशिला पब्लिक स्कूल की छात्राओं के सहयोग से बहनों ने सेना के जवानों के साथ महाराणा प्रताप भवन में धूमधाम से रक्षाबंधन मनाया। कमांडिंग ऑफिसर ने इस अवसर पर छात्राओं का स्वागत किया। अभाविप के जिला प्रमुख जितेन्द्र ने सेना के जवानों से कहा कि उनके साथ रक्षाबंधन मनाने का उद्देश्य दूरस्थ राज्यों से इस जगह पर नियुक्त वीर जवानों को अपने परिवार की याद की कमी को पूरा करना है। इस मौके पर मनीष कुमार, अंजलि नागर, राजाराम, मनोज कुमार, खुशी, हिमांशी, तनवी, सोनी, पायल, गौरी, भावना सहित अन्य बहनें और जवान मौजूद रहे।