कस्बे के वार्ड-8 में 46 वर्षीय महिला की डेंगू से मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम वार्ड में डेरा डाले हुए है। स्वास्थ्यकर्मी इस वार्ड में घर-घर जाकर लोगों के खून के नमूने जांच के लिए ले रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने वार्ड में 80 लोगों के रक्त के नमूने लेकर टेस्ट किए हैं।
कस्बा के वार्ड-8 शिव कॉलोनी की महिला बीरबती पत्नी रामलाल को 10 दिन पहले डेंगू हुआ था। बीरबती को 28 सितंबर को फिरोजपुर झिरका के निजी अस्पताल में भर्ती करवा गया था। जहां डॉक्टरों ने डेंगू बुखार घोषित कर दिया था। बीरबती के परिवार वाले उसे उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर राजस्थान ले गए थे। लेकिन उपचार के दौरान 6 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई।
बीरबती की डेंगू बुखार से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार के नेतृत्व में डॉ. वैभव, देवेंद्र कुमार, योगेश व रामकिशन ने वार्ड आठ में डेरा डाल दिया है। स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक घर में जाकर सभी लोगों के रक्त के नमूने ले रही है ताकि उनकी प्रयोगशाला में जांच करवाई जा सके।
डेंगू बुखार के करीब आधा दर्जन मामले और सामने आ सकते हैं। एक प्राईवेट अस्पताल में अमर उजाला टीम ने जांच की, तो पाया कि वहां डेंगू बुखार व मलेरिया के करीब दर्जनभर लोग अभी भी अपना इलाज करवा रहे हैं।
प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार का कहना है कि वार्ड आठ की बीरबती की मौत डेंगू बुखार के कारण ही हुई है। बीरबती के उपचार के दौरान कागजात देख लिये है।