कस्बा पुन्हाना में बिजली निगम के कर्मचारियों ने सिक्योरिटी लेकर कंप्यूटर सेंटर में बिजली का मीटर लगा दिया, लेकिन उपभोक्ता के पास उस मीटर का बिल कभी नहीं आया। बिजिलेंस टीम की छापेमारी के बाद मामले का खुलासा हुआ। हालांकि विभाग के अधिकारी इस मामले पर कुछ कहने को तैयार नहीं है।
दिनेश कुमार पुत्र राजबीर ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च 2011 को अपने कंप्यूटर सेंटर में बिजली मीटर लगाने के लिए 6400 रूपये बिजली विभाग में जमा किए। बिजली विभाग के कर्मचारी अलीम फोरमैन और लाईनमैन जमील अहमद पुत्र सन्नू ने दिसंबर 2011 में बिजली का मीटर लगा दिया।
करीब छह माह तक उस मीटर का कोई बिल नहीं आया। इसकी शिकायत फोरमैन से की तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बिल आ जाएगा। इसके बाद एक कर्मचारी आया और बिजली की मीटर रीडिंग लेकर मीटर नंबर 4449 लिखकर चला गया। इसके बाद भी बिल नहीं आया।
21 दिसंबर 2012 को उनके सेंटर पर फरीदाबाद विजिलेंस का छापा पड़ गया। उस समय उनकी बिजली ठीक चल रही थी। टीम जांच के लिए बिजली का मीटर अपने साथ ले गई। विजिलेंस विभाग ने उपभोक्ता के पास उक्त बिजली मीटर का कोई रिकार्ड न होने के कारण 78,394 रुपये का जुर्माना लगा दिया। बिजली निगम कार्यालय जानकारी ली तो पता चला कि इस मीटर का कोई रिकार्ड नहीं है और जमा की गई सिक्योरिटी भी रदद कर दी गई है।
दिनेश ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत जिला एक्सईएन से की। फोरमैन की टेप बातों की सीडी बनाकर एक्सईएन को दे दी गई। दिनेश ने कहा कि इसकी शिकायत बिजली मंत्री सहित सभी उच्चाधिकारियों से की है।
इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ कपूर सिंह का कहना है कि दिनेश कुमार के नाम से कोई मीटर उनके रिकॉर्ड में नहीं चढ़ा है। यदि उनके यहां कोई मीटर लगा है तो वह फर्जी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। जांच में विभाग को कोई कर्मचारी शामिल पाया जाता है तो उसके ख्रिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।