पवित्र अमरनाथ यात्रा में जहां देश भर के करीब 20 हजार लोगों के फंसे होने का अनुमान है, वहीं पलवल के तीर्थ यात्रियों की दर्शन के बाद वापसी की तैयारी भी शुरू हो गई है। शहर से करीब 130 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर गए थे, जिनमें से 100 के करीब बाबा बर्फानी के दर्शन भी कर चुके हैं। 30 यात्रियों का पहला जत्था दर्शन करके मंगलवार शाम तक शहर में वापस आ जाएगा। यात्रा के बीच में बाल-ताल में प्रतिवर्ष लगने वाला भंडारा भी निर्बाध रूप से चल रहा है।
पलवल व फरीदाबाद के यात्रियों का पड़ाव भंडारा स्थल पर ही कराया जा रहा है। वहीं से ही सेना के संरक्षण में उन्हें दर्शन के लिए भेजा जा रहा है, व वहीं से ही कानवाई के रुप में वापिसी कराई जा रही है। शहर से बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा पर प्रतिवर्ष हजारों लोग जाते रहे हैं। यहां की सामाजिक संस्था श्री भोले बाबा अमरनाथ सेवा समिति प्रतिवर्ष यात्रा के पहले पड़ाव बाल-ताल पर भंडारा लगाती है।
इस वर्ष भी यात्रा शुरू होने के साथ ही करीब 130 लोग बर्फानी बाबा के दर्शन के लिए चले गए थे। हालांकि उसके बाद यात्रा में व्यवधान के समाचारों के चलते जाने वाले यात्रियों की यात्रा पर ब्रेक लग गया।
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- भोले बाबा की कृपा से पलवल वालों का भंडारा निर्बाध रूप से चल रहा है। 25 जून को समिति के सदस्य 70 सदस्यीय दल के साथ पलवल से रवाना हो गए थे। दो जुलाई को बाबा का भंडारा शुरू हो गया था, जो कि यात्रा के समापन 31 जुलाई तक चलेगा। भंडारे में सेवादारों व कैटर्स के साथ शहर के ओमप्रकाश, किशन चंद, मोहित, बाली, जगन, अनिल कुमार व विकास आदि मौजूद हैं। यात्रियों को कुछ परेशानी तो हुई, लेकिन सेना ने यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं।
-अशोक गंभीर, अध्यक्ष, श्री भोले बाबा अमरनाथ सेवा समिति।
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-हमारा तीस सदस्यीय दल 28 जून को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पलवल से गया था और हम सात जुलाई को दर्शन करके श्रीनगर वापस आ गए। सेना के जवानों के सहयोग से यात्रा में कोई परेशानी नहीं हुई। वापसी की फ्लाइट रविवार की थी, लेकिन यात्रा स्थगित होने के चलते फ्लाइट कैंसिल हो गई थी। अब मंगलवार की टिकट बुक हैं। श्रीनगर से फ्लाइट लेकर भोले बाबा की कृपा से मंगलवार को पलवल वापस पहुंच जाएंगे।
-प्रेम सागर उर्फ काली, ट्रांसपोर्टर व तीर्थ यात्री, जवाहर नगर कैंप।