किसी भी समाज व शहर के समग्र विकास के लिए रोजगार पूरक शिक्षा भी विशेष महत्व रखती है। यही देखते हुए जिला प्रशासन रोजगार पूरक शिक्षा पर फोकस कर रहा है। प्रतिभाओं को आर्थिक परेशानी के चलते दिक्कत ना हो, इसके लिए निशुल्क शिक्षा दिए जाने की योजना बनाई गई है।
योजना के तहत 11 गांवों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी की गई है। इन केंद्रों में लड़के व लड़कियों के लिए 8 प्रकार के कोर्स दिए जाने हैं। प्रत्येक कोर्स की अवधि छह माह रखी गई है, तथा डिप्लोमा लेने के बाद उन्हें रोजगार दिलाने की तरफ भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिसके तहत एक गांव में कोशल प्रशिक्षण केंद्र शुरू भी कर दिया गया है व 10 गांवों में इसके लिए रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के बाल भवन में बैंकिंग, एसएससी व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग कक्षाएं भी शुरू की गई हैं, जिनमें 40 छात्रों को कोचिंग देने के लिए विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की गई है।
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इन गांवों में खोले जाने हैं कौशल प्रशिक्षण केंद्र :
- गांव बघोला, हसनपुर, कटेसरा, चांदपुर, जनाचौली, रामगढ़, नांगलजाट, अल्लीका, दीघोट व बामनीखेड़ा शामिल हैं। बघोला में केंद्र की शुरुआत भी की जा चुकी है। जिसमें फिलहाल दो पारियों में 107 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिन गांवों में रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है, उनमें भी 1000 से अधिक बच्चों के आने की उम्मीद रखी जा रही है।
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सात तरह के सिखाए जाएंगे कोर्स :
- कौशल विकास केंद्रों में सात प्रकार के कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिनमें से दो केवल लड़कियों के लिए होंगे व बकीमें लड़के-लड़कियां दोनों आवेदन कर सकेंगे। जिन कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाना है उनमें फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटीशियन, प्लंबर, इलैक्ट्रीशियन, कंप्यूटर रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद जैसे टीवी आदि के मैकेनिक व मोबाइल मैकेनिक आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुशल कारीगर जो कि स्वरोजगार नहीं अपना पाएंगे, उनके लिए प्लेसमेंट का भी प्रयास किया जाएगा।
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- रोजगारपूरक शिक्षा देने की तरफ जिला प्रशासन ने दो माह पूर्व पहल की थी। गांव बघोला में अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद 10 और गांवों में रजिस्ट्रेशन शुरू किए गए हैं। इस दिशा में और भी जो सुझाव आएंगे, उन पर भी ध्यान दिया जाएगा।
- अशोक शर्मा, डीसी, पलवल