रजवाहों पर पुलिया बनी हादसों का सबब
पलवल। रजवाहों पर बनी पुलिया हादसों का सबब बनी हुई है। कई पुलिया इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि कभी भी टूट सकती हैं। वहीं ज्यादातर पर कोई ग्रिल या दीवार नहीं है, जिससे हादसों का डर बना रहता है। पुलिया निर्माण के संबंध में स्थानीय अधिकारियों से लेकर नेताओं और मंत्रियों तक से शिकायत की गई है, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया।
पलवल जिला के अंदर मुख्य रूप से आगरा कैनाल, गुरुग्राम कैनाल के अलावा उझीना ड्रेन, गौंछी ड्रेन गुजर रही है। इनसे निकले रजवाहों और नालियों के जरिये सिंचाई के लिए खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है। इन रजवाहों से गुजरने वाली सड़कों के लिए बनी पुलिया को बनाने के बाद किसी ने ध्यान नहीं दिया। ज्यादातर पुलिया की ग्रिल और दीवार टूट चुकी है। पुलिया के बीच गड्ढे भी हो गए हैं। इनकी मरम्मत कराना कोई जरूरी नहीं समझ रहा। बारिश के दिनों में इन गड्ढों को भरने के लिए ग्राम पंचायतें मिट्टी डलवा देती हैं, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। क्योंकि, मिट्टी के कारण ंकीचड़ होने से वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं। कई स्थानों पर तो पुलिया गिर चुकी है, फिर भी प्रशासन सबब नहीं ले रहा है। गांव भवाना निवासी रोहित, लुलवाड़ी निवासी राहुल बैंसला, बाता निवासी त्रिलोक नंबरदार और रायदासका निवासी धर्मबीर का कहना है कि पुलिया की मरम्मत के लिए कई बार अधिकारियों व नेताओं से शिकायत की, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
इन स्थानों पर पुलिया की हालत ज्यादा जर्जर
जिले में रसूलपुर से हसनपर रोड, पलवल-दीघोट-हसनपुर रोड, पलवल-मंडकौला रोड पर लालवा और महेशपुर के समीप, हथीन-गहलब से औरंगाबाद रोड, बाता से लाडियाका, रायदासका से बाता, पिगौंड से रायदासका, बढ़ा से महेशपुर रोड और कैराका के समीप पुलिया की हालत ज्यादा खराब है। सबसे ज्यादा परेशानी गांव भवाना में आगरा कैनाल के ऊपर बने पुल की है। यहां पर कई बार हादसों में लोग जान भी गवां चुके हैं। इस पुल की ऊंचाई काफी कम है, जिससे ज्यादा पानी आने पर पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है। पुल पर कोई ग्रिल भी नहीं है।
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रजवाहों पर बनी पुलिया की मरम्मत के बारे में शिकायत मिली है। मैंने संबंधित अधिकारियों को पुलिया निर्माण को लेकर निर्देश दे दिए हैं। शीघ्र ही सभी पुलिया की मरम्मत करवा दी जाएगी।
- दीपक मंगला, विधायक पलवल।