संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। गांव तेड़ में करीब छह महीने पहले हुई सैकुल की हत्या के मामले को बुधवार को पूर्व सरपंच बिल्लू की वाटिका में बिरादरी ने दोनों पक्षों का फैसला करा दिया। इस फैसले में पूर्व विधायक रहीश खान और पूर्व सरपंच बिल्लू की अहम भूमिका रही। जिन्होंने दोनों परिवारों से बातचीत कर मामला सुलझाया।
बिरादरी के फैसले से मौके पर दोनों पक्षों के लोग सहमत हो गए। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भिजवा चुकी है। इस मामले में पिनगवां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार का कहना है कि फैसले के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि गांव तेड़ में मोबाइल चोरी के इल्जाम को लेकर मृतक सैकुल की कहासुनी हुई थी। जिसके बाद मामला झगड़े में तब्दील हो गया। जिसमें सैकुल को चोट लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिन्हें इलाज के लिए पहले नल्हड़ अस्पताल भिजवाया, जहां से डाॅक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया। वहां पर दो दिन बाद इलाज के दौरान सैकुल की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में करीब नौ लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भिजवा दिया। मामले को सुल्झाने के लिए पूर्व सरपंच बिल्लू और रहीश खान द्वारा फैसले की रणनीति बनाकर दोनों पक्षों को बिल्लू वाटिका में बुलवाया गया। बिरादरी ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उनकी इजाजत लेकर फैसला सुनाया। जिस पर दोनों पक्षों के लोग सहमत हो गए।