संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। बिजली विभाग की लापरवाही से हुए हादसे के बाद प्रशासनिक संवेदनहीनता की तस्वीर भी सामने आई। करंटयुक्त तारों की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसे चरवाहे को इलाज के नाम पर घंटों तक भटकना पड़ा। तकरीबन पांच घंटे बाद बिजली विभाग के कर्मचारी युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए और वहीं राम भरोसे छोड़कर चले गए। अस्पताल में इलाज कराने के लिए चार साल की बच्ची के साथ चरवाहा रात 11 बजे तक खड़ा रहा। इसके बाद कुछ लोगों ने उसे उसके किराये के कमरे तक पहुंचाया।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कोसी कलां इलाके का रहने वाला व्यक्ति पुन्हाना में रहकर बकरियां चराकर जीवन-यापन कर रहा था। सोमवार को दोपहर बाद बिजली विभाग के पास जमीन पर पड़े तारों में उतर रहे करंट चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। आसपास के लोगों ने पुन्हाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया। यहां डाक्टरों ने बर्न वार्ड न होने और उसकी नाजुक हालत देखते हुए नलहड़ मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। एंबुलेंस आने से पहले ही बिजली विभाग के कर्मचारी घायल को अपनी गाड़ी में ले गए और तकरीबन पांच घंटे तक एक गुड़ मंडी स्थित एक निजी अस्पताल में उसका इलाज कराते रहे, इसके बाद वापस पुन्हाना अस्पताल में छोड़ गए।
अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे शाम 6 बजे ही नलहड़ के मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था, रात 11 बजे फिर से वह अपनी चार साल की बच्ची के साथ पुन्हाना अस्पताल में भटकता दिखा। पीड़ित के मुताबिक उसकी पत्नी कई साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। उसकी बुजुर्ग मां गांव में रहती है, जिससे संपर्क करने का कोई साधन नहीं है। उसका एक भाई फरीदाबाद में रहकर नौकरी करता है।