पांच जुलाई 2015 को जिले का गांव टीकरी ब्राह्मण एक कथित छेड़छाड़ की अफवाह से ही सुलग उठा था। इससे पूर्व गांव के भाईचारे की आस-पास के गांवों में भी मिसाल दी जाती थी। गांव में दोनों संप्रदायों के लोगों की संख्या करीब बराबर है। हालांकि उस आग पर तो उसी दिन ही काबू पा लिया गया, लेकिन शिकन आज तक भी बची हुई है।
दंगे के कुछ दिन बाद ही शासन व प्रशासन ने पंचायत कर मामले को सुलझाने का दावा किया। कुछ लोगों ने तो सरकार की तरफ से दिया गया मुआवजा ले लिया, लेकिन कुछ लोग फैसले से आहत दिखे। जब बात बनती नहीं दिखी तो समुदाय विशेष के लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ले ली। जिसमें आज तक भी सुनवाई जारी है।
पांच जुलाई 2015 को गांव टीकरी ब्राह्मण में समुदाय विशेष के युवकों द्वारा महिला से छेड़छाड़ की अफवाह फैली थी। इसके साथ ही देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ, घरों व वाहनों में आग लगा दी गई व फायरिंग हुई थी। हालांकि तत्कालीन डीसी अशोक मीणा व एसपी मितेश जैन ने तुरंत कदम उठाते हुए विवाद पर काबू पा लिया था। उसके बाद गांव में कोई तनाव की घटना नहीं हुई, लेकिन आज तक भी गांव में पुलिस बल और लोग कोर्ट कचहरी के चक्कर लग रहे हैं।
मामले की जांच के लिए तत्कालीन एसपी मितेश जैन ने तत्कालीन डीएसपी राधेश्याम की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया था। लेकिन समुदाय विशेष के लोग पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं थे तथा प्रशासन द्वारा बांटे गए मुआवजे को लेकर भी विवाद था। जिस पर उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय में जाने के बाद सरकार ने आईजी ममता सिंह की अगुवाई में एसआईटी गठित की, लेकिन पीड़ित उससे भी संतुष्ट नहीं हुए थे। 22 अप्रैल को एडीजीपी केके संधु को अपनी अगुवाई में एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश दिए गए। जिसे सोमवार को उच्च न्यायालय में अपनी रिपोर्ट पेश कर दी। मामले में उच्च न्यायालय ने अब 11 अगस्त की तारीख लगाई है।
----
गांव में पूर्ण रुप से शांति कायम है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया हुआ है। जहां तक कानूनी पक्ष है, मामला अदालत में लंबित चल रहा है। इसकी जांच के लिए एडीजीपी केके संधु ने 27 जून को भी गांव का दौरा किया था।
-राजेश दुग्गल, एसपी, पलवल।
----
-न्याय ना मिलने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। समाज की शुरू से ही प्रशासन से मांग रही है, कि जिन लोगों ने दंगा भड़काया चाहे वो किसी भी समुदाय के हों, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिससे कि समाज में आपसी भाईचारा कायम रहे।
-यूनुस अहमद, अध्यक्ष, हरियाणा मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन।