खंड के किसानों का मुआवजे के लिए दिया जा रहा धरना सोमवार को 41 वें दिन में प्रवेश कर गया, लेकिन इस दौरान न तो किसी अधिकारी ने और न ही सत्ताधारी बीजेपी नेता ने धरना स्थल पर पहुंच कर किसानों की सुध ली है। इसे लेकर किसानों में रोष है।
एनएच-2 को छह मार्गीय करने के लिए बंचारी, करमन, औरंगाबाद, सराय खटेला व भुलवाना सहित कई गांवों की जमीन अधिगृहीत की गई थी। मुआवजे को लेकर इन गांवों के प्रभावित किसान 41 दिन से धरना दे रहे हैं।
जिला परिषद के पूर्व सदस्य पृथ्वी सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा संबंधित अधिकारियों को लिखित में बढ़ा हुआ मुआवजा नागरिकों को देेने के आदेश प्रदान करने के बाद भी सुनवाई नहीं की जा रही है। जबकि यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले में नागरिकों को बढ़े हुए रेट से मुआवजा प्रदान किया गया है। इस पत्र की प्रतिलिपि अधिकारियों को देने के बाद भी किसानों को उनका बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि जब तक बढ़ा मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वह अपना आंदोलन करते रहेंगे। सोमवार के धरने में हुकम सिंह, बालूराम, मनोज कुमार, कैलाश चंद, हरबीर सिंह, चेतराम, राजू, हेतराम, भूषण, दीपचंद शर्मा, हरिसिंह, चरणसिंह, प्रहलाद, सुमेर सिंह, गिर्राज सिंह व हुकम सिंह आदि किसान शामिल हुए।
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