17पीएएलपी3- मोबाइल फूड वेन को हरी झंड़ी दिखाते प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - संवाद
17पीएएलपी4- राजकीय श्रमिक दिवस समारोह में लोगों को अभिवादन स्वीकारते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - संवाद
17पीएएलपी5- छात्राओं को ई-स्कूटी की चाबी भेंट करते प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - संवाद
17पीएएलपी6- समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - संवाद
17पीएएलपी7- समारोह में हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत करती विश्वविद्यालय की छात्रा। - संवाद
प्रदेश में शुरू की जाएगी गुरु-शिष्य कौशल सम्मान योजना : सीएम
योजना के तहत प्रदेश के 75 हजार युवाओं को बनाया जाएगा कुशल
राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की अहम भूमिका, राजकीय श्रमिक दिवस पर मुख्यमंत्री ने शुरू की योजनाएं
श्रमिक की स्नातक की पढ़ाई कर रही बेटी को ई-स्कूटी के लिए मिलेंगे 50 हजार रुपये
छात्र-छात्राओं को समान रूप से मिलेगी छात्रवृत्ति, साइकिल व सिलाई मशीन खरीदने के लिए राशि बढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि श्रमिक के बिना कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता है। राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की अहम भूमिका है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं। श्रमिकों के सम्मान में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। श्रमिकों के कौशल को निखारने के लिए भगवान विश्वकर्मा के नाम पर देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय पलवल में बनाया गया है। विश्वविद्यालय के नेतृत्व में गुरु-शिष्य कौशल सम्मान योजना शुरू की जाएगी। योजना के तहत प्रदेश के 75 हजार युवाओं को कुशल बनाया जाएगा। इसके अलावा 25 हजार श्रमिकों के कौशल को भी निखारने का काम किया जाएगा। योजना पर प्रदेश सरकार द्वारा अगले पांच साल में 208 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दुधौला में आयोजित राजकीय श्रमिक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह की अध्यक्षता प्रदेश श्रम मंत्री अनूप धानक ने की। धानक ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। इस दौरान लोक कलाकार राजकुमार तेवतिया, निशा जांगड़ा व आजाद मंडौरी ने श्रमिकों के ऊपर प्रस्तुत किए गए गीत मजदूरों का योगदान क्या पिया बता दे मेरे, देश की सेवा करे सै गौरी हम मजदूर कमेरे ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले श्रमिकों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान श्रमिकों के लिए खान-पान की व्यवस्था के लिए मोबाइल फूड वैन चलाई गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वैन के माध्यम से श्रमिकों को किफायती दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। समारोह में पंजीकृत श्रमिकों की स्नातक कर रहीं बेटियों के लिए ई-स्कूटी उपलब्ध कराने की योजना का भी शुभारंभ किया गया। समारोह में 11 बेटियों को मुख्यमंत्री द्वारा ई-स्कूटी की चाबी भेंट की गई। मुख्यमंत्री द्वारा हिसार की पूजा, नूंह की मीनाक्षी, महेंद्रगढ़ प्रियंका, नचिता, सोनम, सबिता, पलवल की प्रीति, हेमवती, कुसुम, आरती, चंद्रावती को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी की चाबी प्रदान की गई। बाकी बेटियों को स्कूटी के लिए 50 हजार रुपये की राशि भेंट की जाएगी। समारोह में विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों को श्रम वीर व श्रम वीरांगना के सम्मान से सम्मानित भी किया गया।
मनोहर लाल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने श्रम की विजय हो नारा दिया। जब मनुष्य जानवर की तरह जिंदगी जीता था, जबकि श्री विश्वकर्मा ने ही उन्हें जीने का सलीका सिखाया। उन्होंने मिट्टी, लकड़ी व धातुओं से विभिन्न प्रकार के सामान बनाए, जो रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल हो रहे हैं। उन्होंने कहा था कि श्रम ही जीवन है, बिना श्रम के जिंदगी नहीं चल सकती। सदैव अपने कौशल निखारने के लिए प्रयास करते रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की बदौलत ही आज भारत देश बड़ी शक्ति बनने जा रहा है। आजादी के 100 साल पूरे होने पर देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बन जाएगा। अगले 25 साल देश के लिए अमृतकाल होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने श्रमिकों की भलाई के लिए दो बोर्ड गठित किए और पिछले 9 वर्षों में 2181 करोड़ रुपये का श्रमिकों को लाभ पहुंचाया गया है।
समारोह में हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम के चेयरमैन व होडल विधायक जगदीश नायर, हरियाणा वेयर हाउस के चेयरमैन व पृथला विधायक नयनपाल रावत, पलवल विधायक दीपक मंगला, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, हरियाणा श्रम आयुक्त डॉ. मनीराम शर्मा, श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राज नेहरू, उपायुक्त नेहा सिंह, एसडीएम लक्ष्मी नारायण, सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, नगराधीश द्विजा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री द्वारा श्रमिकों के लिए की गईं घोषणाएं
राजकीय श्रमिक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने श्रमिकों के लिए कई योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें मुख्य रूप से श्रमिकों की स्नातक की पढ़ाई कर रही बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी देने के लिए 50 हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया। औद्योगिक श्रमिकों को साइकिल खरीदने के लिए दी जाने वाली तीन हजार रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये की गई। महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन खरीदने के लिए दी जाने वाली 3500 रुपये की राशि बढ़ाकर 4500 रुपये की गई। बीमारी से ग्रस्त श्रमिकों को आहार हेतु दो हजार रुपये मासिक दिए जाएंगे। प्रवासी श्रमिकों के लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत व यमुनानगर जिलों में 500-500 श्रमिक आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी। नवीनतम बीमाकृत संख्या अनुसार जिला गुरुग्राम में हरसारू, कादीपुर, वजीराबाद तथा फतेहाबाद में इएसआई डिस्पेंसरी स्थापित की जाएगी। राज्य की सभी डिस्पेंसरियों में ईसीजी सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा।
छात्र-छात्राओं को समान रूप से दी जाएगी छात्रवृत्ति
श्रमिक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को समान रूप से छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की गई। घोषणा के अनुसार नौवीं-दसवीं के छात्र को मिलने वाली पांच हजार व छात्रा को सात हजार रुपये छात्रवृत्ति को बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया। आइटीआई के छात्र को छह व छात्राओं की 8,500 रुपये छात्रवृत्ति को बढ़ाकर 10 हजार रुपये, 11वी-12वीं के छात्र को 5,500 व छात्रा को 7.500 को बढ़ाकर 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति की गई है। इसके अलावा स्नातक व डिप्लोमा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को 15 हजार रुपये, इंजीनियर व स्नातकोतर की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये व मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई।