पलवल। दिवाली नजदीक आते ही मिठाइयों की दुकानें सज गई हैं। हलवाइयों व मिठाई विक्रेताओं द्वारा अभी से मिठाइयों का स्टॉक बनाना शुरू कर दिया गया है। मिठाइयों के नाम पर जहां बर्फी, रसगुल्ले, गुलाब जामुन ज्यादा बनाए जा रहे हैं। वहीं देशी घी की सोहन पापड़ी भी बनाई जा रही हैं। त्योहारी सीजन में मिठाइयों में शुुद्धता का भी कुछ मिठाई विक्रेता ध्यान रख रहे हैं। कई जगह मिलावटी मिठाइयां भी बिक रही हैं। त्योहारी सीजन में बिक रहीं मिलावटी मिठाइयों की तरफ न तो स्वास्थ्य विभाग का ध्यान है और न ही प्रशासन का। हालांकि इस बार लोग उपहार के लिए ड्राईफ्रूट और गिफ्ट पैक खरीदने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
उधर, त्योहारी सीजन में मिठाइयों में मिलावट के चलते चिकित्सक भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मिलावटी मिठाई हो या अन्य खाद्य सामग्री खाने से तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में बाहर की चीज खाने से परहेज करें। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि लोगों का ऐसे मौसम में खासकर जब बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है बाहर की चीज कम खाएं। घर बनी व शुद्ध चीजें ही खाएं। कुछ भी खाने पर तबीयत खराब लगे तो तुरंत चिकित्सक से मिलें।
मिठाइयों से ज्यादा ड्राईफ्रूट व फलों का चलन बढ़ा
दीपावली पर इस बार मिठाइयों से ज्यादा लोग उपहार के रूप में मित्रों, परिजनों व रिश्तेदारों को देने के लिए ड्राईफ्रूट, फलों के टोकरे तथा नमकीन, फ्रूटी, चिप्स, चॉकलेट मिलाकर गिफ्ट पैकेट तैयार कराने के अलावा डिनर सेट, मिल्टन मयूर जग व अन्य उपहार ज्यादा खरीद रहे हैं। लोगों का मानना है कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों में मिलावट ज्यादा होती है, ऐसे में मिठाइयां लोग कम पसंद करते हैं।
नहीं हो रही मिलावट की जांच
जिले में दीपावली के नाम पर धड़ल्ले से बनाए जा रहे मिलावटी रसगुल्ले व गुलाबजामुन भी खूब बिक रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लोग इन्हें बना रहे हैं तथा मात्र 100 रुपये से 120 रुपये किलो में दुकानदारों को बेच रहे हैं। जबकि दुकानदार उन्हीं को ग्राहकों को 150 रुपये से लेकर 170 रुपये किलो तक में बेच रहा है। इसके अलावा बर्फी के नाम पर भी मिलावटी खोवा व चीनी की चासनी मिलाकर बर्फी बनाकर बेची जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी काफी जगह यह सब हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। न ही अभी तक कहीं जांच की गई है।
नहीं लिखी जा रही मिठाइयों के डिब्बों पर एक्सपायरी डेट
आदेशों के बावजूद मिठाई विक्रेता मिठाई के डिब्बों पर मिठाई की एक्सपायरी डेट तक नहीं लिख रहे हैं। ऐसे में लोगों को यह नहीं पता कि मिठाई कितने दिन तक शुद्ध व ठीक रहेगी। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने भी अब तक इस तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
दीपावली पर्व पर इस बार लोग सेब के डिब्बों के गिफ्ट पैकेट बनवा रहे हैं। हमारे यहां सेब के अलावा कीवी के भी डिब्बे गिफ्ट देने के लिए पैक कराए जा रहे हैं। सेब की मांग ज्यादा है। हमारे पास सेब के गिफ्ट पैक के रूप में पांच किलो से लेकर 14 किलो तक के डिब्बे हैं। लोगों की मांग के अनुसार हमारे द्वारा फलों के गिफ्ट पैक तैयार किए जा रहे हैं।
- दीपक गुलाटी, फल विक्रेता
हमारे यहां कई तरह के गिफ्ट आइटम मौजूद हैं। लोग गिफ्ट काफी पसंद कर रहे हैं। ड्राईफ्रूट के डिब्बे, चॉकलेट, डिनर सेट, इलेक्ट्रानिक्स सामान तथा सजावट के काफी सामान हैं। हमारे पास 400 रुपये लेकर 3500 रुपये तक के गिफ्ट आइटम हैं। लोगों की मांग के अनुसार सामान उपलब्ध है।
- राजू वंडर वर्ल्ड