रक्षाबंधन के पर्व पर राज्य परिवहन की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठप होकर रह गई। परिवहन विभाग द्वारा न तो राष्ट्रीय राजमार्ग व प्रदेश मार्गों पर अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया गया था और न ही ग्रामीण रूटों पर बसें चलाई गई थीं।
प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए हरियाणा रोडवेज में 36 घंटे के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा की घोषणा की गई थी, लेकिन इसका फायदा तो तब मिलता, जब बसें मिलतीं। मुफ्त यात्रा के फायदे के फेर में बहनें लंबे समय तक सरकारी बसों का इंतजार करती रहीं व बाद में प्राइवेट बसों तथा डग्गामार वाहनों से अपने गंतव्य तक जाने को मजबूर हुईं।
हालांकि परिवहन विभाग का दावा है कि अतिरिक्त बसों का इंतजाम भी किया गया था और बसों के फेरे भी बढ़ाए गए थे, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग ही दिखी। वहीं जिले के दर्जनों रूट ऐसे हैं, जिन पर रोडवेज की बसें चलती ही नहीं। इनमें मुख्य रुप से पलवल से मोहना, कलवाका, कौंडल व स्यारौली सहित अन्य ऐसे मार्ग हैं, जिनपर एक भी रोडवेज की बस नहीं चलती, इन मार्गों पर हमेशा की तरह अवैध वाहनों के सहारे ही बहनों ने सफर किया।