पलवल। जिले के अंदर भ्रष्टाचार और धांधली के मामले थम नहीं रहे हैं। अब वार्ड नंबर पांच स्थित मोहन नगर में पानी निकासी के लिए बनाई जा रही नालियों के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने और लापरवाही के आरोप लगे हैं। जलभराव के अंदर ही नाली बनाने से नाराज लोगों ने मामले की शिकायत एसडीएम से कर दी। जांच के लिए मौके पर पहुंची एसडीएम वैशाली सिंह ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर नालियों का काम बंद करवा दिया और परिषद अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
दरअसल, शहर में मोहन नगर मोहल्ले को बसे हुए करीब 20 साल हो गए हैं। मोहन नगर में अब तक रास्ते कच्चे हैं तथा पानी निकासी का प्रबंध नहीं है। काफी दिनों बाद नगर परिषद ने मोहन नगर में पानी निकासी के लिए नालियां बनाने की सुध ली। इसे बनाने के लिए ठेकेदार को टेंडर दिया, लेकिन ठेकेदार नालियां बनाने में लापरवाही बरत रहा है। जलभराव में ही रेत और सूखा डस्ट लगाकर नालियों की दीवार बनाई जा रही है। इसमें नाम मात्र का ही सीमेंट उपयोग हो रहा है। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन काम बंद नहीं किया गया। मामले की सूचना एसडीएम वैशाली सिंह को मिली। उन्होंने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो काम में लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल पाया गया। एसडीएम ने अधिकारियों को काम बंद करने के निर्देश देकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
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नालियों में घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है, जो बनने के साथ ही टूटने लगी है। ठेकेदार से सुधार करने की बात की तो उसने कोई सुनवाई नहीं की। अब काम बंद करवा दिया गया है। काफी मशक्कत के बाद काम शुरू हुआ था, अब न जाने कब तक शुरू हो।
- सूबेदार ओमप्रकाश, निवासी मोहन नगर
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ठेका किसी वरुण नामक व्यक्ति को दिया गया है, जिसे सत्तापक्ष के नेताओं का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ठेकेदार परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से काम में लापरवाही बरत रहा है। लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। - रामावतार, निवासी मोहन नगर
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मामला मेरे संज्ञान में है। एसडीएम ने निरीक्षण कर काम बंद करवा दिया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, पालिका अभियंता, नप पलवल