संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। सरकार की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ किसान, मजदूर व कर्मचारियों द्वारा 26 से 28 नवंबर तक आयोजित महापड़ाव में सैकड़ों सफाई कर्मी हिस्सा लेंगे। पड़ाव की सफलता को लेकर शुक्रवार को पलवल व हसनपुर खंड कार्यालयों में चल रहे धरने में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आंदोलन को मजबूत करने को लेकर चर्चा की गई, वहीं एक दिसंबर तक हड़ताल के तहत धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीण सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए सीआईटीयू के जिला सचिव रमेशचन्द, यूनियन के नेता जितेंद्र चौहान व सतपाल ने कहा कि प्रदेश के करीब 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 46 दिन से हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच सफाई कर्मियों ने पूरे प्रदेश में सभी जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों तथा मुख्यमंत्री को कई बार ज्ञापन देकर अपने मांग मुद्दों की जानकारी दी है। सरकार ने समाज के सबसे पिछड़े वर्ग की आवाज को अनसुना कर रखा है। भाजपा सरकार के नौ वर्ष के कार्यकाल में देश व प्रदेश की मेहनतकश जनता की परेशानियां कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार बेतहाशा बढ़ रही महंगाई व विकराल रूप ले चुकी बेरोजगारी पर लगाम लगाने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। वर्ष 2014 में भाजपा ने किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों व पैंशनर्स से किए अपने वायदों को आज तक पूरा नहीं किया है। जनता के जिस भी वर्ग ने इन वायदों को याद दिलाने के लिए सड़कों पर संघर्ष करने की कोशिश की है। सरकार ने पुलिसिया दमन से उन आवाजों को कुचलने का प्रयास किया है। सरकार केवल बड़े पूंजीपति घरानों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। इस अवसर पर यूनियन नेता चंद्रवीर, नरेश राजपूत, सोनू, बाली, बाबूराम, सुरेश, विजय व मुकेश ने भी अपने विचार व्यक्त किए।