जिला पुलिस आपसी विवादों को जनसहयोग से समाधान कराने की योजना पर कार्य कर रही है। आपसी झगड़ों और विवादास्पद मामलों को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग अब एक समिति बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
समुदाय समन्वय समूह के नाम से बनाई जाने वाली समिति में उन मामलों को भेजा जाएगा, जिनमें आपसी सहमति नहीं बन पाती है। उन्हें इस समूह की मदद से सुलझाया जाएगा। समिति में सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, वरिष्ठ वकील व सामाजिक संस्थाओं के ऐसे सदस्यों को शामिल किया जाएगा जो स्वयं समाज में भाईचारा कायम करने के इच्छुक हों।
जिले में आए दिन कहीं ना कहीं आपसी विवाद व झगड़े होते रहते हैं। इनमें घरेलू विवाद तथा धोखाधड़ी करने, जमीनी विवाद व बहुत से अन्य मामले शामिल होते हैं, जिन्हें कि सामाजिक स्तर पर भी सुलझाया जा सकता है। मामले में दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत की जाती है व दोनों ही पक्ष अपनी बात पर अड़े रहते है जिसके चलते पुलिस को दोनों ही तरफ से कार्रवाई करनी पड़ती है।
पुलिस के पास दर्ज होने वाले ऐसे मामले महीनों तक सुलझ नहीं पाते हैं। बहुत से मामलों में पंच-पंचायत के हस्तक्षेप से हल निकल आता है, लेकिन बहुत से मामले लटके ही रहते हैं। कुछ मामलों में लोग पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए जांच में सहयोग भी नहीं करते हैं। बाद में जब मामले अदालत में जाते हैं, तो अदालतों का भी काफी समय खराब होता है।
इन्हीं सब को देखते हुए मुख्यालय स्तर पर एक समुदाय समन्वय समूह बनाने की प्रक्र्तिया शुरू की गई है। जिसके सदस्य सप्ताह में एक या दो दिन पुलिस मुख्यालय पर बैठकर विवादास्पद मामलों की शिकायतों को जन सहयोग से निष्पक्ष एवं पारदशीज़् रूप से निपटाने या सुलझाने में पुलिस की मदद करेंगे, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।