गांव खेड़ला में दो गुटों के झगडे़ में चार अक्तूबर को घायल व्यक्ति की दिल्ली के एम्स ट्रामा सेंटर में मंगलवार को मौत हो गई। उसका शव बुधवार को गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में इनेलो और हजकां के लोग भी शामिल थे। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए भारी पुलिस बल लगाना पड़ा।
प्रदर्शन में भाग लेने के लिए इनेलो कार्यकर्ता नूंह, सोहना से आए थे। इस दौरान सियासी रोटी सेंकने के लिए कई नेताओं ने भाषण देना शुरू कर दिया। पंचायत कर डीएसपी आशीष चौधरी, एसएचओ देवेंद्र कुमार, स्पेशल स्टाफ इंचार्ज प्रहलाद सिंह, सिटी चौकी प्रभारी मस्ताना हुड्डा, हवलदार यशपाल, रीडर डीएसपी को सस्पेंड करने को लेकर प्रस्ताव पास किया गया और हत्यारोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की गई।
उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलने पर करीब डेढ़ बजे एसपी अनिल कुमार धवन और फिरोजपुर झिरका के एसडीएम विजय कुमार मौके पर पहुंचे। तब तक शव को दफनाया नहीं गया था। पंचायत में शामिल मौजिज लोगों ने एसपी से मुलाकात उन्हें हत्याकांड की जानकारी दी तथा मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की। एसपी ने उनकी मांग पर अमल करने का भरोसा दिया। इस बारे में एसपी ने कहा कि शेर खां हत्या कांड में पहले ही 307 का मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें 302 भी जोड़ी गई है। यदि पुलिस कर्मियों ने जांच में लापरवाही बरती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि खेड़ला के शेर खां ने 18 जुलाई को दो भैंस चोरी होने की शिकायत गांव के लोगों के खिलाफ पुलिस में दर्ज कराई थी। 21 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। उसी समय से आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच रंजिश चली आ रही थी। इसको लेकर चार अक्तूबर को दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें 18 वर्षीय नाजरा व उसके पिता शेर खां को गोली लग गई।
बाद में शेर सिंह को एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुन्हाना पुलिस ने दीना पुत्र बंशी की शिकायत पर जेकम, मौसम, असलम, हनीफ, जाहिद, भुट्टू, बशीर, ईशाक के खिलाफ हत्या का प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।