कैप्शन: 7-पलवल में पहलवानों के समर्थन में जुलूस निकालते हुए किसान।
कैप्शन: 8-पलवल में पहलवानों के समर्थन में ब्रज भूषण शरण का पुतला फूंकते हुए किसान।
पलवल में किसान संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने किया प्रदर्शन
कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का पुतला फूंका
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में अब किसान, मजदूर व आम लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं। एक तरफ जहां विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता इस मामले में सरकार को घेर रहे हैं, वहीं सामाजिक, धार्मिक व खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं के साथ-साथ किसानों ने भी कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। शनिवार को पलवल जिले में विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जिले में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया गया तथा बृजभूषण का पुतला भी फूंका गया। इतना ही नहीं, हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह को भी बृजभूषण के साथ गिरफ्तार कर बर्खास्त करने की मांग की गई।
संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में शनिवार को देवीलाल पार्क में आक्रोश प्रदर्शन शुरू किया गया। मोर्चा में शामिल किसान नेता व शहर के लोगों ने देवी लाल पार्क से मीनार गेट तक न्याय जुलूस निकाल कर बृजभूषण का पुतला फूंका। आक्रोश प्रदर्शन की अध्यक्षता रूपचंद दलाल तथा संचालन किसान मोर्चा के नेता रूपराम तेवतिया ने किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व धर्म चंद घुघेरा ने कहा कि जिन देश की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक व अन्य खेलों के अंदर कांस्य पदक से लेकर गोल्ड मेडल तक जीत कर देश का नाम रोशन किया है, उन्हीं बेटियों का यौन शोषण उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण ने किया है। उन्होंने कहा कि बृजभूषण का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। यह बेटियां आज न्याय की गुहार के लिए पिछले 2 सप्ताह से जंतर मंतर पर बैठी हुई हैं। आक्रोश प्रदर्शन को किसान मोर्चा के नेता ताराचंद, नरेंद्र सहरावत, बुजुर्ग किसान नेता श्रीचंद महाशय, चेतराम मेंबर, अर्जुन सिंह कुंडू, दरयाब सिंह, दरियाव सिंह सौरोत, रमेश सौरोत, मूलचंद बडगूजर, राजकुमार औलियान, रवि तेवतिया, मास्टर श्रीपाल ने संबोधित किया।
वहीं विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शुक्रवार देर शाम बस अड्डे पर प्रदर्शन किया तथा बृजभूषण शरण और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राजीव लांबा ने कहा कि सरकार ने बृजभूषण जैसे लोगों को बचाकर साबित कर दिया है कि भाजपा सरकार बेटियों को लेकर बिल्कुल भी सजग नहीं है। भाजपा राज में आज बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
शहीदाने सभा के जिला प्रधान जवाहर सिंह पहाड़ी रावत ने कहा कि दिल्ली में जंतर मंतर पर देश की होनहार खिलाड़ी धरने पर बैठी हैं, उन पर मोदी चुप्पी साधे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था। बीते सात सालों में बेटियों की जो दुर्दशा हुई, वह पहले कभी नहीं हुई। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली बेटियां अपने साथ हुए अत्याचार के विरोध में राजधानी में धरने पर बैठी हैं। बेटियों को बचाने और पढ़ाने का नारा देने वाली सरकार बेटियों के अस्तित्व को ही खत्म करने की साजिश रच रही है। भाजपा नेताओं की नीयत मेें खोट है। उन्होंने कहा कि देश की जनता खिलाड़ियों के साथ अन्याय नहीं होने देगी।
पहलवानों को समर्थन देने दिल्ली जाएंगे हथीन के कांग्रेसी नेता
दिल्ली में चल रहे पहलवानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए हथीन क्षेत्र के कांग्रेस नेता जंतर-मंतर दिल्ली जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व संगठन सचिव मोहम्मद ईसराईल चौधरी ने पत्रकारवार्ता कर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों से बदसलूकी की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस रक्षक होती है, अगर वही बदसलूकी करेगी तो खिलाड़ी किस पर भरोसा करेंगे। पुलिस का काम पीड़ितों को प्रताड़ित करना नहीं बल्कि उनको इंसाफ दिलाना होता है। उन्होंने कहा कि वे जंतर-मंतर पर जाएंगे और खिलाड़ियों से मिलेंगे। क्योंकि, धरना स्थल से जो तस्वीरें आई हैं, वे विचलित करने वाली हैं। दो खिलाड़ियों को सिर पर चोट लगी है। यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि न्याय की लड़ाई है। प्रत्येक व्यक्ति को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि ये खिलाड़ी हमारे देश की शान हैं।